भारत और रूस
ब्रह्मोस मिसाइल भारत के डीआरडीओ और रूस के एनपीओ मशीनोस्त्रोयेनिया द्वारा तैयार की गई है।
सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का परीक्षण सफल,इन 10 खास‍ियतों से परेशान हुए चीन और पाक‍िस्‍तान
नद‍ियों के नाम पर
इस म‍िसाइल का नाम भारत की ब्रह्मापुत्र नदी और रूस की मस्कवा के नामों को मिलाकर रखा गया है।
सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का परीक्षण सफल,इन 10 खास‍ियतों से परेशान हुए चीन और पाक‍िस्‍तान
म‍िसाइल की रेंज
ब्रह्मोस मिसाइल का भार करीब 2.5 टन है। वहीं इस म‍िसाइल की मारक क्षमता 290 किलोमीटर के करीब है।
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1 किमी प्रति सेकेंड
स्‍पीड के मामले में यह म‍िसाइल जबरदस्‍त है। ब्रह्मोस की स्‍पीड करीब 1 किलोमीटर प्रति सेकेंड है।
 
सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का परीक्षण सफल,इन 10 खास‍ियतों से परेशान हुए चीन और पाक‍िस्‍तान

सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल
ब्रह्मोस दुन‍िया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। यह जल थल और वायु तीनों जगहों से दगी जा सकती है।

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ऐसे साधती न‍ि‍शाना
ब्रह्मोस जमीन के नीचे परमाणु बंकरों, कमांड ऐंड कंट्रोल सेंटर्स और समुद्र के ऊपर एयरक्राफ्ट्स को न‍िशाना बना सकती है।

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लक्ष्य और रास्‍ते पर नजर
ब्रह्मोस मिसाइल की लक्ष्य और रास्‍ते दोनों पर नजर रखती है। लक्ष्‍य बदलते ही यह तुरंत रास्ता बदलने में सक्षम है।

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काफी कम ऊंचाई से उड़ान
ब्रह्मोस मिसाइल रडार की पकड़ में नही आती है क्‍योंक‍ि यह काफी कम ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है।
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बीच राह में रोकना अंसभव
ब्रह्मोस को लेकर सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रह्मोस को बीच राह में रोकना य फ‍िर मार गिराना असंभव है।
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अध्‍ययन क‍िया जा रहा
ब्रह्मोस की तेज गत‍ि और इसे बीच रास्ते में कैसे रोका जा सकता है इस पर अमेर‍िका जैसे देश अध्‍ययन कर रहे हैं।

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