आईजीआईएमएस होगा देश का पहला संस्थान जहां बनेगी कोकलियर लैब

manish.mishra@inext.co.in PATNA: इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के ईएनटी विभाग में देश का पहला टेम्पोरल बोन एंड कोकलियर इम्प्लांट लैब होगा जहां इलाज से पहले मरीज की बीमारी पर रिसर्च किया जाएगा. जन्म से नहीं बोल पाने वाले बच्चों में कोकलियर इम्प्लांट करने से पहले उसपर मंथन किया जाएगा. इससे आपरेशन थिएटर में जाने से पहले डॉक्टरों को बीमारी और उसके समाधान के बारे में पूरी जानकारी होगी जो मरीजों के स्वस्थ्य होने में काफी सहायक होगी. डॉक्टरों का कहना है कि इस हाईटेक सुविधा से हर हाल अधिक संख्या में एक्सपर्ट भी तैयार हो जाएंगे.

लैब से होगा फायदा

टेम्पोरल बोन एंड कोकलियर इम्प्लांट लैब ईएनटी विभाग के लिए बड़ा सहायक माना जाता है. लैब में हर तरह के इक्यूपमेंट होते हैं जिससे आपरेशन व इम्प्लांट के पूर्व बेहतर अभ्यास हो जाता है. जूनियर डॉक्टरों के साथ एक्सपर्ट चिकित्सक इस पर मंथन करते हैं और काफी अध्ययन के बाद यह तय होता है कि इम्प्लांट को किस तरह से किया जाए जिससे मरीजों पर बेहतर ढंग से काम करे. इस लैब का सबसे बड़ा फायदा है कि इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में पढ़ने वाले स्टूडेंटस भी एक्सपर्ट हो जाएंगे. जूनियर डॉक्टरों को भी इससे काफी आसानी होगी और ओटी में गए बिना ही प्रैक्टिकल का पूरा मौका मिलेगा.

ईएनटी विभाग बनेगा हाईटेक

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान को पूरी तरह से हाईटेक बनाने पर जोर है. यहां की अत्याधुनिक मशीनों से बिहार के साथ साथ देश के अन्य कई प्रदेशों से मरीजों का आना होता है. आंकड़ों की बात करें तो हर माह दो दर्जन मरीज गुवाहाटी व अन्य राज्यों से आते हैं. यूपी और बंगाल के साथ झारखंड के मरीजों की तो यहां भीड़ लगी रहती है. भीड़ का कारण यह है कि ईएनटी विभाग में कई ऐसी सुविधाएं हैं जो देश में कम ही सरकारी संस्थानों में हैं.

कैंसर विभाग में रेडिएशन सेंटर होगा अपग्रेड

शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने ईएनटी डिपार्टमेंट में टेम्पोरल बोन एंड कोकलियर इम्प्लांट लैब के साथ कैंसर विभाग में रेडिएशन सेंटर को अपग्रेड करने का शुभारंभ किया. इंजीनियरिंग सिविल वर्क को लेकर भी कई योजना का शुभारंभ किया साथ ही साथ कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट के लिए भी न्यू मेडिकल कॉलेज बिल्डिंग में ले जाने का शुभारंभ किया.