वर्किंग डेज कम होने की वजह से मई की छुट्टियां होंगी कम

स्कूलों को साल में 220 वर्किंग डे का टारगेट करना है पूरा

MEERUT। वर्किंग डेज कम होने की वजह से इस बार प्राइवेट स्कूल समर वेकेशंस में कटौती करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बार स्टूडेंट्स को सिर्फ एक महीने की ही छुट्टियां मिलेंगी। हालांकि स्कूलों के इस फैसले से स्टूडेंट्स के साथ पैरेंट्स भी थोड़े मायूस हो गए हैं।

वर्किंग डेज हैं कम

स्कूलों को हर साल 220 वर्किंग डेज पूरे करने होते हैं लेकिन इस साल छुट्टियां ज्यादा होने की वजह से वर्किंग डेज काफी कम हो गए हैं। सेशन के शुरुआती महीने यानी अप्रैल में ही मात्र कुछ स्कूलों में 17 जबकि स्कूलों में 15 दिन का वर्किंग डे हैं। इसमें कुछ स्कूल 3 को जबकि कुछ 4 को री-ओपन हुए हैं। उसके बाद 3 दिन इलेक्शन, सेकेंड स्टेरडे, 4 संडे, रामनवमी, महावीर जयंती, गुड फ्राइडे की छुट्टिया पड़ गई हैं। जबकि आगे कांवड, विंटर वेकेशन, के अलावा करीब 70-80 दिन की सरकारी छुट्टियां हैं। वहीं करीब 60 दिन टर्म व फाइनल व बोर्ड डेज में बीत जाते हैं। ऐसेम में स्कूलों के पास समर वेकेशन ही कम करने का विकल्प बाकी है।

एक महीने छुटृटी

इस बार प्राइवेट स्कूलों में सिर्फ एक महीने का ही अवकाश मिल पाएगा। स्कूलों के मुताबिक मई महीने के सभी दिन क्लासेज लगाई जाएंगी। जबकि अभी तक 15 से 20 मई तक सभी स्कूलों में समर वेकेशंस हो जाते थे। ऐसे में बच्चों को सिर्फ जूनभर की ही छुटिट्यां मिल पाएंगी।

इस बार वर्किंग डेज कम हैं। सेशन की शुरुआत में ही काफी छुट्टियां हो गई हैं। सालभर के इवेंट बाकी हैं। ऐसे में समर वेकेंशन कम की जा रही है।

राहुल केसरवानी, सहोदय अध्यक्ष

समर वेकेशंस में बच्चों को एडिशनल क्लासेज करने का टाइम मिल जाता है। कम छुट्टियों में इन्हें करना मुश्किल हो जाएगा।

अंजलि, पेरेंट्स

साल भर पढ़ाई का बोझ रहता है। समर वेकेशंस में ही बच्चा कुछ इनोवेटिव सीख पाता है।

एकता, पेरेंट्स