PATNA : नर्सिग के एक छात्रा की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई है. छात्रा की लाश क्लास रूम में फंदे से लटकी हुई मिली. छात्रा का नाम नेहा सिंह है. जो फ‌र्स्ट इयर के तहत नर्सिग की तैयारी कर रही थी. मामला कुर्जी फैमिली हॉस्पिटल का है. दरअसल, हॉस्पिटल कैंपस में ही नर्सिग कॉलेज है. कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर पर क्लास रूम है और थर्ड फ्लोर पर हॉस्टल. नेहा की फंदे से लटकती लाश ग्राउंड फ्लोर पर स्थित क्लास रूम में मिली.

हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन के सामने ये मामला गुरुवार की सुबह म् बजे ही आ गया था. अचानक हुई इस घटना ने पूरे कैंपस में हड़कंप मचा दिया. मामले की जानकारी नेहा के फैमिली और पाटलिपुत्रा थाने की पुलिस को दी गई. इसके बाद पुलिस ने छानबीन शुरू की. साथ ही लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

प्रेयर के दौरान हुई खोज

हर दिन सुबह म् बजे कैंपस में प्रेयर होता है. जिसमें हास्पिटल के टोटल स्टाफ के साथ ही नर्सिग की छात्राएं भी शामिल होती हैं. नेहा को छोड़ बाकि के सारी छात्राएं प्रेयर के लिए मौजूद थीं. हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन की मानें तो उसी समय नेहा को खोजा गया. वो अपने रूम में नहीं थी. उसे खोजते हुए जब क्लास रूम में लोग पहुंचे तो अंदर का नजारा देख सभी की आंखे फटी की फटी रह गई. नेहा की लाश फांसी के फंदे से झूल रही थी.

रूम से कब निकली पता नहीं

हॉस्टल के जिस रूम में नेहा रहती थी, उसमें उसके अलावा भ् और लड़कियां रहती थीं. बुधवार की रात खाना खाने के बाद सभी कमरे में थी. रात साढ़े 9 बजे के करीब सभी सोने के लिए चली गई. रूम से नेहा कब बाहर गई, ये किसी को पता नहीं है. सुबह रूम में नेहा नहीं मिली. जिसके बाद सभी का माथा ठनका था.

पिता ने लगाया हत्या का आरोप

नेहा की फैमिली गर्दनीबाग के जनता रोड में रहती है. जानकारी मिलने पर पिता कमलेश कुमार कमल व फैमिली के दूसरे मेंबर्स मौके पर पहुंचे. पिता ने रूम मेट और हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन पर नेहा की हत्या का आरोप लगाया है. पिता ने सवाल उठाया कि सुबह म् बजे से सभी को नेहा की मौत के बारे में पता था तो उन्हें 8 बजे क्यों सूचना दी गई? पिता की मानें तो उनकी बेटी पढ़ने में काफी अच्छी थी. जलन की भावना से उसकी हत्या की गई है.

गलत हैं पिता के आरोप

पिता के आरोपों को हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन ने गलत करार दिया है. हास्पिटल के सीनियर एचआर एम रजा के अनुसार ये एक सुसाइड है. नेहा ने ऐसा क्यों किया, ये किसी को समझ में नहीं आ रहा है. हॉस्टल में रहने वाली छात्रों को पास में मोबाइल रखना भी एलाउड नहीं है. उन्हें सिर्फ शनिवार की शाम मोबाइल फोन दिए जाते हैं और रविवार की सुबह उनसे वापस ले लिए जाते हैं. हॉस्टल से बाहर जाने के लिए भी उनसे लिखित एप्लिकेशन लिया जाता है. इसके बाद भी सिर्फ कुर्जी मोड़ तक ही जाने का परमिशन दिया जाता है.

पिता ने पाटलिपुत्रा थाने में शिकायत की है. नेहा ने सुसाइड किया या उसकी हत्या की गई है. इस पूरे मामले की जांच की जा रही है.

-डा. मो. शिब्ली नोमानी,डीएसपी, लॉ एंड ऑर्डर