आस्ट्रेलिया और दुबई से आए युवक श्रद्धालुओं को करवा रहे यज्ञ

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PRAYAGRAJ: कुंभ में दुनियाभर से आए साधु-संत व महात्माओं का मेला लगा है. एक से बढ़कर एक सरकारी और गैरसरकारी आयोजन किए गए हैं. इन्हीं के बीच स्थापित इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कांशियसनेस (इस्कॉन) की अलग ही छटा है. शिविर में पूरे दिन हरे रामा.., हरे कृष्णा.. की धुन सुनायी देती है. शिविर के अलावा मेले भर में थिरकते संस्थान से जुड़े देशी-विदेशी भक्त आकर्षण का केन्द्र हैं. खास बात यह है कि इसमें विदेशी भी हैं और ये पूरे विधि विधान से यज्ञ भी करवाते हैं.

18 से 19 साल ही है उम्र
शिविर में स्थापित यज्ञशाला में रोजाना यज्ञ करवाने की जिम्मेदारी आस्ट्रेलिया और दुबई के 18 से 19 वर्ष के युवकों को दी गई है. आस्ट्रेलिया निवासी गौरंगा और दुबई के निताय लीला राज दास हैं. गौरंगा ने बताया कि उनके पैरेंट्स भी इस्कॉन के लिए समर्पित हैं. पिता ने बहुत पहले ही आध्यात्म के मार्ग पर चलने के लिए उन्हें कोलकाता स्थित मायापुरी में ट्रेनिंग के लिए भेज दिया था. यहां उन्होंने गुरुकुल में आध्यात्म की शिक्षा हासिल की. गौरंगा का एक छोटा भाई और दो बहने भी हैं.

निताय माता-पिता की इकलौती संतान
निताय लीला राज दास दुबई के रहने वाले हैं. वह अपने माता पिता की इकलौती संतान हैं. इस्कॉन के संस्थापक स्वामी प्रभुपाद से वे इतने प्रभावित हुए कि अपना जीवन उन्होंने श्रीकृष्ण भक्ति में समर्पित कर दिया. गौरंगा और निताय कुंभ मेले में आए श्रद्धालुओं को शान्ति यज्ञ, नरसिंह यज्ञ, सुदर्शन यज्ञ आदि करवाते हैं. दोनो का कहना है हरे कृष्ण आन्दोलन को आगे ले जाना ही उनका सपना है.

आरती का समय

मंगला आरती- भोर में 04 बजे

दर्शन आरती- सुबह 07:30 बजे

भागवत प्रवचन- सुबह 08 से 09 बजे

भागवत गीता प्रवचन- शाम 05

इन देशों से आए हैं लोग

एशिया के मुल्कों से

इंग्लैंड

जर्मनी

अमेरिका

कनाडा

आस्ट्रेलिया

यज्ञ कराने की दर

एक व्यक्ति के यज्ञ के लिए 05 हजार रुपए

पूरी फैमिली के साथ यज्ञ के लिए 11,000 रुपए निर्धारित है.

बैलगाड़ी पर निकलती है
रोजाना शाम को बैलगाड़ी पर निकलने वाली झांकी आकर्षण का केन्द्र है. झांकी के साथ भगवान श्रीकृष्ण के भक्त लोगों को 130 रुपए की गीता मात्र 30 रुपए में बिक्री करते हैं. शिविर के एक हिस्से में मनोरम झांकियों को देखने वालों की भी पूरे दिन भीड़ लगी रहती है. झांकियों में पूतना वध, श्रीराम के प्रति हनुमान की भक्ति, लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी लेने के लिए जा रहे हनुमान समेत अन्य लीलाओं का प्रदर्शन किया गया है. शिविर के भीतर सेवा के लिए गायों को भी रखा गया है.