कुंभ मेला में हर दिन देश-विदेश के कलाकार करेंगे रामलीला की प्रस्तुति

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ALLAHABAD: उप्र सरकार का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट कुंभ मेला सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिहाज से मेगा इवेंट साबित होगा. इसके लिए केन्द्र के संस्कृति मंत्रालय के निर्देश पर संगम की रेती पर व‌र्ल्ड क्लास कल्चरल इवेंट का आयोजन किया जाएगा. देश-दुनिया को इवेंट का भव्य एहसास कराने के लिए उसका मुख्य आकर्षण रामलीला पर केन्द्रित किया गया है. इसके लिए मुख्य सचिव की संस्तुति पर पैंतालीस करोड़ के भारी भरकम बजट को मंजूरी दी गई है. खास बात ये होगी कि इसमें विदेशी कलाकार भी रोल निभाते नजर आएंगे.

नदियों के नाम पर कन्वेंशन हाल

मेला के दौरान रामलीला सहित जितने भी सांस्कृतिक आयोजन कराए जाएंगे उसके लिए अलग-अलग एरिया में चार बड़े-बड़े कन्वेंशन हाल का निर्माण कराया जाएगा. गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती नदी के नाम पर तीन कन्वेंशन हाल तो एक कन्वेंशन हाल का नाम महर्षि भारद्वाज के नाम पर होगा. पच्चीस-पच्चीस हजार की क्षमता वाले हाल का निर्माण नागवासुकि मंदिर के पीछे, अरैल में डीपीएस के सामने, परेड ग्राउंड और झूंसी एरिया में बनाया जाएगा.

महत्वपूर्ण तथ्य

- इंडोनेशिया, थाईलैंड, सूरीनाम, मारीशस, श्रीलंका व अमेरिका से रामलीला प्रस्तुत करने वाले तीन सौ कलाकारों को बुलाया जाएगा. विदेश मंत्रालय को इनके आने की स्वीकृति मिल चुकी हैं.

- इन कलाकारों के द्वारा मकर संक्रांति शाही स्नान पर्व से लेकर महाशिवरात्रि स्नान पर्व के दौरान तीन-तीन दिनों तक रामलीला की प्रस्तुति चारों कन्वेंशन हाल में की जाएगी.

- देश में स्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर की रामलीला कमेटी नई दिल्ली के श्रीराम कला केन्द्र के आने की भी स्वीकृति मिल गई है. इस संस्था के कलाकार दस दिनों तक रामलीला की प्रस्तुति परेड ग्राउंड के कन्वेंशन हाल में करेंगे.

- रामलीला के अलावा देश के पंद्रह हजार लोक कलाकारों को बुलाया जाएगा. इनके जरिए प्रत्येक राज्य की कला व संस्कृति पर केन्द्रित कार्यक्रमों का मंचन कराया जाएगा.

- पंद्रह सितम्बर के बाद मेला एरिया में कन्वेंशन हाल का एरिया तय करके उसे बनवाया जाएगा. पच्चीस हजार लोगों के बैठने की क्षमता वाला हाल पूरी तरह से वाटर प्रूफ होगा.

कुंभ के दौरान पैंतालीस दिनों तक संगम की रेती पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां कराई जाएगी. खासतौर से रामलीला का मंचन कराने के लिए कई देशों से कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा. देश की सबसे बड़ी संस्था श्रीराम कला केन्द्र के जरिए दस दिनों तक अनोखे तरीके से रामलीला का मंचन कराया जाएगा.

अमित अग्निहोत्री, नोडल ऑफिसर, सांस्कृतिक इवेंट