- इंग्लिश मीडियम बनकटवा प्राइमरी स्कूल में बच्चों के लिए नहीं हैं टीचर्स व डेस्क बेंच

- 228 बच्चों की दो टीचर्स मिलकर लेती है क्लास

GORAKHPUR: आपने प्राथमिक विद्यालय तो बहुत देखे होंगे. लेकिन वहां फर्राटेदार इंग्लिस बोलने वाले बच्चे आपने नहीं देखेंगे होंगे. दरी और तख्त पर बैठकर पढ़ने वाले बनकटवा प्राथमिक विद्यालय के बच्चे न सिर्फ इंग्लिश में अपना इंट्रोडक्शन देते हैं. बल्कि संसाधन व टीचर्स की कमी के कारण वे अपने मूलभूत सुविधाओं से वंचित होते हुए नजर आ रहे हैं. जबकि बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों का दावा है कि उनके द्वारा दिए जा रहे संसाधन में कहीं से कोई कमी नहीं है.

बाउंड्री वाल खेल रहे थे बच्चे

बता दें, डीजे आईनेक्स्ट की तरफ से चल रहे 'कब स्मार्ट होगा मॉडल स्कूल' के कैंपेन के चौथे दिन जब रिपोर्टर प्राथमिक विद्यालय बनकटवा पहुंचा तो बच्चे स्कूल के गेट के बाउंड्री वाल पर खेलते हुए नजर आए. जब रिपोर्टर स्कूल के अंदर पहुंचा तो बच्चे दरी व तख्ते पर बैठकर खेलते हुए नजर आए. जब रिपोर्टर दूसरे कमरे में पहुंचा तो मौके पर मौजूद प्राधानाध्यपिका सुधा राय व सहायक अध्यापिका नीतू सिंह मिली. प्राधानाध्यापिका ने बताया कि उनका विद्यालय इंग्लिश मीडियम है. कक्षा एक से पांचवी तक कुल 228 बच्चों का नामांकन है. बच्चों को जहां इंग्लिश बोलना सीखने से लगाए उन्हें अच्छी शिक्षा देने का प्रधानाध्यापिका की तरफ से जब दावा किया गया तो रिपोर्टर ने कुछ बच्चों से इंग्लिश में सवाल किया तो बच्चे फर्राटेदार इंग्लिश बोलना शुरू कर दिए. न सिर्फ इंग्लिश में सवालों के जवाब दिए बल्कि अपना इंट्रोडक्शन भी इंग्लिश में देते हुए नजर आए.

प्रधानाध्यापिका ने लगाया खुद का बजट

बच्चों को मिलने वाली बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से सुविधा पर प्रधानाध्यापिका सुधा राय ने बताया कि उन्होंने करीब 50 हजार की लागत से स्कूल का मरम्मत से लगाए रंगाई-पोताई के साथ-साथ सभी क्लासेज में पेटिंग करवाई है. ब्लैक बोर्ड खराब होने पर बच्चों के लिए ब्लैक बोर्ड लगवाया. बच्चों के लिए वायरलेस स्पीकर, कुर्सी, मेज समेत शुद्ध पेयजल, गैस कनेक्शन समेत अन्य सभी कार्य खुद के प्रयास से किया है. जब रिपोर्टर ने शिक्षिकाओं की संख्या पूछा तो उन्होंने बताया कि दो शिक्षिका हैं. जबकि एक शिक्षा मित्र रोमा पांडेय है. क्लास रूम जहां पर्याप्त नजर आए. वहीं बच्चों के लिए टॉयलेट व रसोई घर की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं नजर आई.

स्कूल मे लगाया जाएगा मेला

स्कूल में लगने वाले राखी मेले को शिक्षा विभाग की तरफ से स्थगित किए जाने से बच्चों में उदासी आ गई है. चूंकि रक्षाबंधन पर्व 26 को है. ऐसे में हाथ से बनाई हुई राखी मेले का भव्य स्तर पर आयोजन होना था. लेकिन सरकारी कार्यक्रम आयोजन होने के कारण उसे स्थगित कर दिया गया है. ऐसे में जिन स्कूलों के बच्चों ने अपने हाथों से राखी बनाई थी उसको लेकर स्कूल की प्रधानाध्यापिका स्कूल में ही मेले का आयोजन कर बच्चों का उत्साहवर्धन करेंगी.

क्लास बच्चों की संख्या

एक 52

दो 56

तीन 52

चार 43

पांच 25

कुल 228

वर्जन

बहुत जल्द बच्चों के लिए बेंच भेज दिए जाएंगे. बच्चे इंग्लिश अच्छा बोलते हैं. टीचर्स की कमी है. फिर भी बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का प्रयास जारी है.

- ब्रह्मचारी शर्मा, नगर शिक्षा अधिकारी