- प्राथमिक विद्यालय स्वींटन मॉडल स्कूल में शिक्षिकाओं के अभाव में बंद हो गया दाखिला

GORAKHPUR: नगर क्षेत्र के स्वींटन मॉडल प्राथमिक विद्यालय में यूं तो पढ़ाई जैसे तैसे हो जाती है, लेकिन भारी संख्या में शिक्षिकाओं के अभाव में प्राइवेट स्कूलों से आने वाले बच्चों के अब दाखिले बंद हो चुके हैं. जबकि प्रधानाध्यापिका के पास रोजाना दो से तीन बच्चे एडमिशन के लिए आते हैं. लेकिन प्रधानाध्यापिका मना कर देती हैं. इस बात की जानकारी तब हुई डीजे आईनेक्स्ट की तरफ से चलाए जा रहे 'कब स्मार्ट होगा मॉडल स्कूल' के कैंपेन में जब रिपोर्टर से विद्यालय की प्रधानाध्यापिका से बात हुई तो उन्होंने बताया कि उनके विद्यालय में शिक्षिकाओं की भारी पैमाने पर कमी है. इस कारण एडमिशन लेने में दिक्कत हो रही है.

तीन साल में बदल गई सूरत

बता दें, बेसिक शिक्षा विभाग अंतर्गत आने वाले प्राथमिक विद्यालय स्वींटन मॉडल स्कूल यूं तो 140 वर्ष पुराना है. जो पूरी तरह खंडहर हो चुका था. लेकिन प्रधानाध्यापिका उम्मे सादिया ने तीन साल के भीतर विद्यालय की सूरत को बदल दिया है. इस वक्त विद्यालय में कुल 279 बच्चे हैं. पहले विद्यालय में जहां बच्चों के नामांकन की संख्या बेहद कम थी. वहीं आज की डेट में आसपास के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पैरेंट्स एडमिशन के लिए प्रधानाध्यापिका से गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं.

एक कक्षा में दो क्लास के पढ़ते हैं बच्चे

प्रधानाध्यापिका उम्मे सादिया बताती हैं कि उनके विद्यालय में सबसे बड़ी समस्या टीचर्स की कमी है. पहले जहां जर्जर बिल्िडग में बच्चे पढ़ाई करने में पूरी तरह से असमर्थ थे. वहीं नगर शिक्षा अधिकारी ब्रह्मचारी शर्मा के प्रयास से कुल सात कमरों को तोड़कर बनवाया गया है. शिक्षिकाओं के अभाव में आज की डेट में जहां एक कमरे में कक्षा एक व दो के बच्चे एक ही कमरे में पढ़ाए जाते हैं, वहीं कक्षा तीन, चार व पांच के बच्चों को अलग-अलग कमरे में बैठाया जाता है, लेकिन शिक्षिकाओं के अभाव में पढ़ाई नहीं हो पाती है. यहीं वजह है कि कई बार बच्चे स्कूल आने से कतराते हैं.

वाटर कूलर का बच्चों को इंतजार

बच्चों के खेलने के लिए जहां झूला, पानी की टंकी, बिजली की व्यवस्था प्रधानाध्यापिका की तरफ से की गई है. वहीं बच्चों को इन सभी सुविधाओं का लाभ पहुंचाने में करीब एक लाख से ऊपर का बजट प्रधानाध्यापिका ने खर्च कर दिया है. स्कूल में सहायक अध्यापक क्षत्रिय रतन सिंह और प्रधानाध्यापिका मिलकर 279 बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें दोपहर का भोजन भी कराते हैं. हैरान करने वाली बात यह है कि बीजेपी क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेद्र सिंह ने इस विद्यालय को गोंद लिया है. लेकिन वाटर कूलर लगाने का आश्वासन के बाद से बच्चे अभी तक क्षेत्रीय अध्यक्ष के वाटर कूलर का इंतजार कर रहे हैं.

कक्षा बच्चों की संख्या

एक 52

दो 65

तीन 66

चार 54

पांच 32

कुल 279

वर्जन..

शिक्षिकाओं का अभाव है. खंडहर विद्यालय था, लेकिन अब उसकी सूरत बदल गई है. बच्चों के लिए संसाधन उपलब्ध है. बाकी जो कमियां हैं उसे भी पूरा कराया जा रहा है.

ब्रह्मचारी शर्मा, नगर शिक्षा अधिकारी