इंसाफ

- कोर्ट ने एक साल के भीतर सुनवाई पूरी कर सुनाया फैसला

- फतेहगंज पश्चिमी थाने में तैनात थी सिपाही

जागरण संवाददाता, बरेली :

फतेहगंज पश्चिमी थाने की महिला सिपाही पर कातिलाना हमला करने वाले पति को सात साल सलाखों के पीछे काटने पड़ेंगे. कोर्ट ने महज एक साल के भीतर ट्रायल पूरा कर बुधवार को फैसला दे दिया. पति को सात साल कैद के साथ ही 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा भी सुनाई.

गाजियाबाद में मुरादनगर निवासी सिपाही सरिता पाल का विवाह हापुड़ के बाबूगढ़ निवासी संदीप पुत्र विजयपाल के साथ हुआ था. सरिता 22 अक्टूबर 2017 को सुबह 9.30 बजे थाने से छुट्टी लेकर अपने घर जाने को निकली थी. थाने से 100 मीटर दूर पहुंचते ही उसका पति संदीप बाइक लेकर आया. बातचीत के दौरान संदीप ने धारदार हथियार से पत्नी के सिर गर्दन व कंधे पर कई प्रहार किए. वह लहूलुहान होकर गिर पड़ी. मौके पर सिपाही व होमगार्ड दौड़े, तब तक आरोपित बाइक से फरार हो गया. साथी पुलिसकर्मी घायल सिपाही को गंभीर हालत में सिद्धि विनायक अस्पताल ले गए, वहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया.

भाई ने लिखाई थी रिपोर्ट

हमले की रिपोर्ट सरिता के भाई ललित ने दर्ज कराई थी. सरकारी वकील राजेश्वरी गंगवार ने कोर्ट में 7 गवाह पेश किए. अपर सेशन जज-10 सतीश चंद्र द्विवेदी ने बुधवार को दोषी पति को सजा सुना दी.