-सरकार के 13 डिस्ट्रिक्ट, 13 डेस्टीनेशन में लाखामंडल होगा शामिल

देहरादून, राज्य सरकार लाखामंडल को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है. पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार लाखामंडल में महाभारत का सर्किट डेवलेप करने और एडवेंचर को बढ़ावा दिए जाने के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं. क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी क्षेत्र का भ्रमण कर चुके हैं. अब इस पर अंतिम फैसला सरकार को लेना है. इस प्रोजेक्ट पर करोड़ों रुपए खर्च होने का अनुमान है.

एएसआई के अधीन है मंदिर

देहरादून जिला मुख्यालय से करीब 130 किमी दूर लाखामंडल को देवताओं की राजधानी भी कहा जाता है. मान्यताएं हैं कि लाखामंडल का शिव मंदिर दुनिया का एक ऐसा मंदिर है, जिसमें सवा लाख देवताओं की स्थापना की गयी है. ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से इस स्थान को महत्वपूर्ण माना जाता है. मंदिर के 200 मीटर क्षेत्र तक आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की देखरेख में है.

ये है मान्यता

लाखामंडल महाभारतकालीन घटनाओं से भी जुड़ा रहा है. यहां स्थित दर्जनों लघु शिवालय, ऐतिहासिक और प्राचीन मूर्तियां सैलानियों को आकर्षित करती हैं. लाखामंडल का संबंध महाभारत काल की लाक्षागृह के प्रसंग से बताया जाता है. दुर्योधन ने पांडवों और उनकी माता कुंती की हत्या के लिए लाक्षागृह का निर्माण किया था.

प्रस्ताव बनाने की तैयारी

लाखामंडल के धार्मिक व पौराणिक महत्व को देखते हुए पर्यटन विभाग इस क्षेत्र को विकसित करने की तैयारी कर रहा है. क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी केएस रावत ने बताया कि वे क्षेत्र का विजिट कर चुके हैं. प्रस्ताव तैयार कर हेडक्वार्टर को सौंपने की तैयारी है.

महाभारत सर्किट बनेगा

पर्यटन विभाग के अनुसार लाखामंडल को महाभारत सर्किट के तौर पर विकसित करने के अलावा एडवेंचर एक्टिविटीज के तौर पर भी विकसित किया जा सकता है. अधिकारियों की मानें तो इसमें पार्किंग, मंदिर मार्ग का सौंदर्यीकरण, पेयजल, म्यूजियम और योगा केंद्र भी शामिल होगा. म्यूजियम में महाभारतकाल से जुड़े फोटोग्राफ का सहेजना प्रमुख होगा. पर्यटन अधिकारियों के अनुसार निदेशालय स्तर से भी कंसल्टेंसी एजेंसी के जरिए सर्वे किया जा सकता है.