-लालू को इलाज के लिए छह हफ्ते की मिली जमानत

क्कन्ञ्जहृन्: लालू के करीबी विधायक भोला यादव के अनुसार आरजेडी अध्यक्ष को 16 तरह की बीमारियां हैं. उनका किडनी 40 परसेंट ही काम कर रही है. हार्ट, शुगर, बैक पेन और चक्कर आने जैसी अन्य बीमारियां भी है. यह एम्स की रिपोर्ट है. सभी बीमारियों का इलाज बारी-बारी से होगा. पटना में लालू का तबतक इलाज होगा, जबतक कि बाहर के डॉक्टर का अप्वाइंटमेंट नहीं मिल जाता. एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट मुंबई के विशेषज्ञ डॉ. पांडा से समय लेकर उनसे जांच कराई जाएगी. भोला यादव ने कहा कि लालू की हाईकोर्ट से प्रोविजनल बेल स्वास्थ्य जांच के लिए मिली है. उनकी पहली प्राथमिकता इलाज कराना है. तीन मेडिकल इंस्टीट्यूट में इलाज की जरूरत महसूस की गई है. अन्य जगह ले जाने की जरूरत पड़ी तो अदालत से अनुरोध किया जाएगा.

मुंबई ले जाने की तैयारी

चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद छह हफ्ते के औपबंधिक जमानत पर रांची की होटवार जेल से बुधवार को बाहर आ गए. देर शाम सेवा विमान से पटना पहुंचे. उन्हें व्हील चेयर पर पटना एयरपोर्ट से बाहर ले जाया गया. जमानत की अवधि गुरुवार से शुरू होगी. अब इलाज के लिए उन्हें मुंबई हार्ट हास्पिटल ले जाने की तैयारी की जाएगी. इससे पहले रांची जेल में उनकी जमानत की सारी जरूरी प्रक्रिया पूरी की गई.

छह हफ्तों की सशर्त जमानत

रांची में सीबीआइ कोर्ट की ओर से रिलीज ऑर्डर मिलने के बाद लालू को 3:30 बजे जेल से निकाला गया. वह पौने सात बजे के विमान से पटना पहुंचे. समर्थकों की भीड़ के बीच विधायक भोला यादव ने उन्हें व्हील चेयर के सहारे एयरपोर्ट से बाहर निकाला. मेडिकल ग्राउंड पर लालू को हाइकोर्ट ने छह हफ्तों की सशर्त जमानत दी है. लालू को जमानत अवधि के दौरान कोई राजनीतिक रैली नहीं करनी है. मीडिया से बात नहीं करनी है. इलाज कहां-कहां कराएंगे, इसकी जानकारी कोर्ट को देना है.

विदेश नहीं जा सकेंगे लालू

लालू का बेल बांड भरे जाने से संबंधित कानूनी प्रक्रिया बुधवार को पूरी की गई. चारा घोटाला के तीन मामलों में सीबीआइ के दो विशेष कोर्ट में लालू की ओर से बेल बांड भरा गया. तीनों मामले में छह बेल बांड 50-50 हजार रुपए के बांड भरे गए. इसके बाद अदालत से लालू से संबंधित रिलीज आर्डर जारी किया. उसके आधार पर लालू जेल से छूटे. जमानत के दौरान उन्हें विदेश जाने की अनुमति नहीं रहेगी. शुक्रवार को हाईकोर्ट ने उन्हें प्रोविजनल बेल दिया था. इसके बाद हाईकोर्ट का आदेश मंगलवार को सिविल कोर्ट में पहुंचा था.