- सीएम ने मीडिया रिपो‌र्ट्स का संज्ञान लेकर दिया आदेश

- जालौन के ही रहने वाले हैं सीबीआई जज शिवपाल सिंह

- गांव में कब्जा हुई जमीन की डीएम से की थी शिकायत

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LUCKNOW: बहुचर्चित चारा घोटाले में सीबीआई जज से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की पैरवी करने वाले अफसरों की जांच का जिम्मा झांसी मंडल के कमिश्नर को सौंपा गया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकरण को लेकर आई मीडिया रिपो‌र्ट्स का संज्ञान लेते हुए यह निर्देश जारी किए हैं. सीएम ने कमिश्नर झांसी से पूरे प्रकरण की पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट जल्द सौंपने को कहा है. मालूम हो कि जालौन के डीएम डॉ. मन्नान अख्तर और एसडीएम भैरपाल सिंह पर आरोप है कि उन्होंने सीबीआई जज शिवपाल सिंह को फोन करके लालू यादव की पैरवी की थी.

जज ने किया था जिक्र

ध्यान रहे कि सीबीआई जज शिवपाल सिंह ने लालू यादव को सजा सुनाने से पहले इसका जिक्र भी किया था कि 'लालूजी, आपके लोगों के फोन मेरे पास आ रहे हैं, लेकिन मैं कानून के मुताबिक ही फैसला करूंगा'. बाद में उन्होंने लालू यादव को दोषी करार देते हुए 3.5 साल की सजा सुनाई थी. वहीं इसके बाद पैरवी करने वालों में यूपी के दो अफसरों का नाम सामने आने के बाद ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मच गया. यही वजह है कि राज्य सरकार इस प्रकरण की गहन जांच कराने जा रही है. उल्लेखनीय है कि सीबीआई की विशेष अदालत के जज शिवपाल सिंह यूपी के जालौन जिले के शेखपुर खुर्द गांव के निवासी हैं. वहीं दूसरी ओर डीएम और एसडीएम ने आरोपों को खारिज कर दिया है.

जमीन कब्जे की शिकायत की थी

इस मामले में यह भी सामने आया है कि सीबीआई जज की जमीन पर गांव में कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था. विरोध करने पर उनके भाई सुरेंद्र पाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया. जज शिवपाल सिंह ने खुद डीएम से न्याय मांगा, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला. 12 दिसंबर, 2017 को डीएम और एसपी से शिकायत की तो डीएम ने कहा कि आप झारखंड में जज हैं न, आप कानून पढ़कर आएं. आरोप है कि डीएम जालौन ने जज शिवपाल सिंह को 23 दिसंबर को फोन कर कहा कि आप ही लालू का केस देख रहे हैं, जरा देख लीजिएगा. वहीं एसडीएम भैरपाल सिंह ने भी सिफारिश के लिए संपर्क साधा था.

मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप गलत : डीएम

- डीएम डा. मन्नान अख्तर बोले, मेरी छवि धूमिल किए जाने का हुआ प्रयास

श्रह्मड्डद्ब (10 छ्वड्डठ्ठ) : चारा घोटाले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के लिए जज से सिफारिश करने की बात को लेकर चर्चा में आए जालौन के डीएम ने बुधवार को इन बातों को सिरे से गलत ठहराया. कहा, मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं. मेरा बिहार से कोई नाता नहीं है, मैं तो मूलत: असोम का रहने वाला हूं.

जालौन के डीएम डा. मन्नान अख्तर ने कहा कि किसी को किसी प्रकार का कोई फोन नहीं किया है. वह सीनियर अफसर या फिर न्यायिक अधिकारी के लिए ऐसी कोई टिप्पणी नहीं कर सकते हैं, जिससे किसी को ठेस पहुंचे या छवि धूमिल हो. उनको अभी तक यह यकीन नहीं है कि उनके लिए ऐसी बात क्यों कही गई है. मीडिया में इस तरह की बातें आई हैं, जिससे वह काफी आहत महसूस कर रहे हैं. जरूरत पड़ी तो वह इसके लिए विधिक कार्रवाई करेंगे.