- जमीन के ठगों ने बेच डाली आईपीएस ऑफिसर अरुण मोहन जोशी की जमीन

- एसआईटी की जांच के बाद बसंत विहार पुलिस ने किया केस दर्ज

देहरादून, दून में भूमाफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं, इसकी एक बानगी सामने आई है. भूमाफियाओं ने एक आईपीएस ऑफिसर की पुश्तैनी जमीन ही बेच डाली. 12.5 लाख रुपए में जमीन का सौदा भी हो गया. पैसे चुकाने के बाद जब आरोपियों ने जमीन की रजिस्ट्री करने से आनाकानी की तो पीडि़त को ठगी का अहसास हुआ. पीडि़त ने पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) से की. एसआईटी जांच में शिकायत सही पाई गई और केस दर्ज किया गया.

ऐसे बेची आईपीएस ऑफिसर की जमीन

जानकारी के मुताबिक देहराखास निवासी जुबेर खान के साथ भूमाफियाओं ने धोखाधड़ी का पूरा खेल किया. जुबेर खान द्वारा एसआईटी को दी गई शिकायत में बताया गया कि कांवली रोड निवासी अफगान, अबरार और अहसान,नवाब अली ने उसे कांवली में जमीन दिलाने की बात कही. जुबेर को बताया गया कि जमीन अहसान अहमद के किसी रिश्तेदार की है. आरोपियों ने उसे जमीन दिखाई और सौदे की बात कही. इसी दौरान एक अन्य आरोपी शहजाद अली ने जुबेर को बताया कि जमीन के मालिक को वह भी जानता है. जुबेर शहजाद अली को जानता था इसलिए उसकी बातों में आ गया और 5 जून 2016 में जुबेर ने लैंड एग्रीमेंट साइन कर लिया. जमीन का सौदा साढ़े 12 लाख में हुआ. जुबेर ने शहजाद अली को 1 नवंबर 2017 से 10 नवंबर 2017 के बीच अलग-अलग किश्तों में 12 लाख रुपए दे दिए. इसके अलावा 50 हजार रुपए बतौर कमिशन अफगान, इरफान, अबरार और अहसान को दिए गए. सौदा होने के बाद और पार्टी को पैसा देने के बाद जुबेर ने रजिस्ट्री करने को कहा तो दूसरा पक्ष लगातार बात टालता रहा. जुबेर ने बताया कि एक दिन जब वह अपने किसी रिश्तेदार को जमीन दिखाने ले गया तो पता चला कि वह जमीन आईपीएस ऑफिसर अरुण मोहन जोशी की है.

गिरोह की हकीकत आई सामने

जुबेर द्वारा खरीदी गई जमीन आईपीएस ऑफिसर की होने की जानकारी के बाद जुबेर ने आरोपियों के बारे में पता किया तो वह पता चला कि सभी लोग एक गिरोह बनाकर जमीन के सौदे के नाम पर लोगों को ठगने का काम करते हैं. शहजाद अली द्वारा एक अन्य जमीन बेचने के बाद उसपर यूनियन बैंक से लोन लेने की बात भी सामने आई. इसके बाद जुबेर ने शहजाद अली के घर जाकर अपने पैसे लौटाने की बात की तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी. जुबेर किसी तरह वहां से जान बचाकर भागा.

एसआईटी से की पड़ताल

आईपीएस ऑफिसर की जमीन दिखाकर साढ़े 12 लाख रुपए की धोखाधड़ी को लेकर जुबेर ने एसआईटी से शिकायत की. एसआईटी ने जांच की तो शिकायत सही निकली. इसके बाद बसंत विहार थाने में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. मामले की विवेचना की जा रही है.

एसआईटी जांच के बाद लैंड फ्रॉड का केस दर्ज किया गया है. मामले की विवेचना की जा रही है.

सुनील नेगी, विवेचक