- जमीन मालिक के नाम से फर्जी दस्तावेज बनाकर जमीन बेचने का मामला

- 4 अप्रैल को एसआईटी में की थी पीडि़त ने शिकायत

- पुलिस ने एक आरोपी किया गिरफ्तार, दो की तलाश जारी

देहरादून, एक महिला की जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. 4 अप्रैल को मामले की शिकायत एसआईटी को मिली थी. एसआईटी जांच में आरोप सही पाए गए जिसके बाद प्रेमनगर थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. शनिवार को पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. दो आरोपियों की पुलिस को अब भी तलाश है, जिनमें से एक महिला है.

बिजनौर की महिला को बना दिया मालिक

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक डॉ. एकता सिंह चोपड़ा ने 4 अप्रैल को एसआईटी में एक प्रार्थना पत्र दिया था कि उसकी मां मंजुला सिंह की जमीन तीन लोगों द्वारा फर्जी दस्तावेज बनाकर बेच दी गई है. बताया था कि उसकी मां के नाम पर सुद्धोवाला में 0.1150 हेक्टेयर जमीन थी, जिसमें से फरमान अली पुत्र उस्मान अली और सुलेमान पुत्र अब्दुल अजीज ने 0.0088 हेक्टेयर जमीन बेच दी. बताया कि जमीन का मालिक बिजनौर की किसी महिला को दर्शाया गया और मनोज भंडारी नाम के व्यक्ति को जमीन बेची गई. मनोज द्वारा आरोपियों को आरटीजीएस के माध्यम से 30 हजार रुपए भी बतौर बयाना दिया गया है.

1984 में खरीदी थी जमीन

एसआईटी जांच में पाया गया कि मंजुला द्वारा 1984 में उपेन्द्रनाथ शाही नाम के व्यक्ति से जमीन खरीदी गई थी. यह जमीन पहले खसरा नंबर 171 में दर्ज थी, जबकि खरीदने के बाद इसका खसरा नंबर चेंज होकर 764 हो गया. आरोपियों ने जमीन मनोज नाम के व्यक्ति को बेची थी, एसआईटी ने जब मनोज से जमीन के पेपर्स मांगे तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. दस्तावेज फर्जी पाए गए.

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जमीन फर्जीवाड़े के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. दो आरोपियों की तलाश जारी है. एसआईटी की जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई थी. जल्द ही दो अन्य आरोपियों को अरेस्ट कर लिया जाएगा.

अजय रौतेला, डीआईजी, गढ़वाल

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एडीएम के फर्जी साइन कर अपने नाम अलॉट करा दी जमीन

नगर निगम और एक व्यक्ति के बीच जमीन के विवादित मामले में बड़ा खेल सामने आया है. मामला डीएम कोर्ट में चल रहा था, इसी दौरान नगर निगम को तहसील से जारी एक पत्र मिला, जिसमें नगर निगम को आदेश दिए गए कि व्यक्ति को जमीन का कब्जा दिया जाए. नगर निगम ने पत्र सत्यापन के लिए डीएम को भेजा, तो पाया गया कि पत्र में एडीएम के फर्जी हस्ताक्षर थे. नगर निगम भूमि नोडल अधिकारी द्वारा अज्ञात के खिलाफ थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है. कोतवाल बीबीडी जुयाल का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.