- नगर आयुक्त के निर्णय का किया विरोध

- पार्षदों का मिला साथ, कई सामाजिक संगठनों ने भरी हुंकार

बरेली : डीडीपुरम स्थित कुष्ठ आश्रम की जमीन पर नगर निगम के कब्जे को लेकर घमासान मच गया है। थर्सडे को कुष्ठ रोगियों ने नगर निगम पहुंचकर जमकर हंगामा किया। जमीन से कब्जा हटाने की मांग को लेकर कुष्ठ रोगी निगम परिसर में धरने पर बैठ गए। कई भाजपा पार्षदों के साथ सामाजिक संगठन भी उनके समर्थन में आ गए और धरने में शामिल हो गए। करीब दो घंटे तक निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मेयर के आश्वासन के बाद कुष्ठ वापस गए।

नगर आयुक्त का किया घेराव

धरने के दौरान जैसे ही नगर आयुक्त सैमुअल पॉल एन अपने ऑफिस से बाहर निकले कुष्ठ रोगियों और सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों ने उन्हें घेर लिया और कुष्ठ आश्रम की जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य को फौरन रोकने की मांग की लेकिन नगर आयुक्त चुप्पी साधे रहे।

50 परिवारों का क्या होगा?

कुष्ठ आश्रम में करीब 50 परिवार रह रहे हैं। अगर निगम का कब्जा इस भूमि पर हो जाता है तो यह परिवार सड़क पर आ जाएंगे। कुष्ठ आश्रम के अध्यक्ष दिवाकर ने नगर आयुक्त को पत्र देकर आश्रम की जमीन को कब्जामुक्त कर निर्माण कार्य रुकवाने की मांग भी की।

मेयर ने राज्यपाल को लिखा पत्र

कुष्ठ रोगियों की समस्या को पार्षदों ने मेयर डॉ। उमेश गौतम के सामने रखा। पार्षदों का कहना था कि नगर निगम बोर्ड की सहमति के बाद ही कुष्ठ रोगियों को यह जमीन दी गई थी, अब बिना बोर्ड की सहमति के जमीन पर कब्जा करना बोर्ड के आदेश का हनन है। ऐसा बिल्कुल नहीं होने दिया जाएगा। इस तर्क के बाद मेयर ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर पार्षदों की मांग रखी। मांग करने वालों में पार्षद सतीश कातिब मम्मा, अवनेश कुमार, रुप किशोर आदि मौजूद रहे।

वर्जन ::

बोर्ड की अनुमति के बाद ही कुष्ठ रोगियों को रहने के लिए जमीन दी गई थी। अब बिना बोर्ड की सहमति के कब्जा करना नियम विरूद्ध है। पार्षदों ने इसका विरोध किया है। मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र भेजकर समस्या का निस्तारण करने की मांग की गई है।

डॉ। उमेश गौतम, मेयर।