क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: राजधानी रांची को किसकी नजर लग गई. न तो आम लोग समझ पा रहे हैं और न यहां का पुलिस प्रशासन. शहर के हर पॉश इलाके में गोलियों की तड़तड़ाहट कानून व्यवस्था का पोल खोल रही है तो दूसरी तरफ पुलिस का खौफ इन घटनाओं के सामने बौना साबित हो रहा है. सवाल ये है कि आखिर रांची के लोगों को कब तक अपराधियों के खौफ में जीने को मजबूर रहना पड़ेगा. कब तक पुलिस के हाथ इन अपराधियों के गिरेबां तक पहुंचेंगे. हाल के दिनों में हुई हत्या और गोलीबारी की घटनाएं दिन दहाड़े हुई हैं. पुलिस के पीसीआर वैन की तैनाती के बावजूद ये अपराधी गोलीबारी करते हुए कहां निकल जाते हैं पता ही नहीं चल पाया.

वीवीआईपी इलाके में कांड

राजधानी के कांके रोड में वीवीआईपी रहते हैं. इस रोड में चीफ जस्टिस का आवास, मुख्यमंत्री समेत विधानसभा अध्यक्ष का भी आवास है. ऐसे में अपराधी गोली मारकर कांके रोड की ओर भाग निकलते हैं. ऐसे में शहर में पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था पर भी सवाल उठ खड़े होते हैं.

चौराहों पर नशेडि़यों का अड्डा

इस इलाके में शाम सात बजे से ही नशेडि़यों का जमावड़ा हो जाता है. गोंदा थाना, लालपुर थाना और कांके थाना क्षेत्रों में पड़नेवाले इस रोड में बीयर बार से लेकर कई होटल ऐसे हैं, जहां शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. रसूख के बाल पर हंगामा करनेवाले इन नशेडि़यों को न तो पुलिस का खौफ रहता है और न ही ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी इन्हें टोकने की जहमत उठाते हैं. बीच सड़क पर गाड़ी रोकर उपद्रव करनेवाले ये रसूखदार कई बार राहगीरों के विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं.

अपराधमुक्त रांची का दावा फेल

अपराध मुक्त झारखंड का दावा करने वाली रघुवर सरकार की नाक के नीचे मुख्यमंत्री आवास और पुलिस थाने से महज कुछ दूरी पर घटित इस दिल दहला देने वाली घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर शांत तो हो जाती है, पर सुरक्षा की दिशा में कोई कारगर कदम नहीं उठाती.

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क्या कहते हैं अपराध के आंकड़े

चार सितंबर, 2018 : चुटिया की अमरावती कॉलोनी के पास अभिजीत नामक युवक को गोली मार दी थी. गोली उसके जबड़े में लगी थी. गोली मारने के आरोप में पुलिस ने अतुल चड्डा नामक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा है.

छह सिंतबर: नगड़ी के बरसा गांव में मुस्तफा अंसारी की बेटी अकमून खातून (20वर्ष) की रात में गोली मारकर हत्या कर दी गई. उसे देसी कट्टा से सिर के बाएं और पीछे से गोली मारी गई थी. आरोपी अब तक फरार है.

25 अगस्त: नगड़ी थाना क्षेत्र के ललगुटवा में रोशन लाल मिर्धा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने उसकी महिला दोस्त को हिरासत में लिया है. अबतक मामले में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है.

18 जुलाई: डोरंडा थाना क्षेत्र के बेलदार मोहल्ला में युवक धीरज राम की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस मामले में लोगों ने डोरंडा थाने का घेराव किया था. पुलिस एक्टिव हुई और आरोपी पकड़ा गया था.

14 जुलाई : रांची में एक स्कूल की प्राचार्या और उनके दस वर्षीय बेटे की लाश उनके घर से बरामद की गई थी. इस मामले में पांच आरोपियों को रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार युवक पूर्व से आपराधिक प्रवृत्ति के थे. लूटपाट की नीयत से उन दोनों की हत्या की गई थी.

10 जुलाई: बरियातू थाना क्षेत्र के एदलहातू में टीचर के बेटे स्टूडेंट सौरभ भगत की हत्या कर दी गई. मामले में पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा तो पाया कि नशे के कारण आपसी विवाद में हत्या कर दी गई थी.

8 जुलाई : झारखंड में एक के बाद एक लगातार कई आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं. लालपुर थाना क्षेत्र के आर्या होटल के नजदीक दिनदहाड़े अपराधियों ने स्कूल टीचर शिव प्रसाद की गोली मारकर हत्या कर दी थी. पुलिस को अबतक कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

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कहां-कहां हैं खामियां

- सुरक्षा के लिए बाइक दस्ता रोड पर तैनात नहीं रहता

- ट्रैफिक जाम इतना रहता है कि फोर व्हीलर से बदमाशों को पकड़ना आसान नहीं

- नए-नए थानेदारों को थाना के दिशा व दशा के बारे में ज्ञान नहीं

-सड़क पर पीसीआर वैन केवल चक्कर लगाती है, घटना के बाद पीछा नहीं करती

- दूसरे थाना पुलिस को अलर्ट करने में नाकाम है पुलिस

- चेकनाका और चेक प्वाइंट कारगर नहीं

- थाने में पुलिस बल या क्यूआरटी टीम एक्टिव नहीं

- सीसीटीवी कैमरे का लेंस असरदार नहीं

- ट्रैफिक पुलिस को कानून व्यवस्था से कोई मतलब नहीं

वर्जन

पुलिस ने कई हत्याकांडों का खुलासा कर लिया है. पुलिस घटनाओं और अपराधियों पर नजर रखे हुए है. साथ ही साथ शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को चुस्त व दुरूस्त किया जा रहा है.

अनीश गुप्ता, एसएसपी, रांची