ALLAHABAD:  पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज

घटना की जांच कर रही कर्नलगंज पुलिस को उस स्थान की सीसीटीवी फुटेज मिली है. फुटेज में दिख रहा है कि पहले छात्रों का एक गुट अंदर घुसा. वह कुर्सी उठाकर दूसरे पक्ष के लोगों पर हमला कर रहे हैं. इसी दौरान विवाद में छात्र दिलीप जख्मी होकर जमीन पर गिरा पड़ा. वीडियो में साफ दिख रहा है कि मारपीट के बाद हत्यारों ने दिलीप को पकड़ लिया और उसे रेस्टोरेंट से बाहर लाकर सीढि़यों पर ईट, लोहे की राड से पीटते-पीटते उसे बुरी तरह से जख्मी कर लग्जरी गाड़ी में बैठकर फरार हो गए.

टाइमलाइन

9 फरवरी : रात 11 बजे हुई मारपीट.

10 फरवरी : हॉस्पिटल में चल रहा था.इलाज.

11 फरवरी : हॉस्पिटल में मौत की खबर आई.

11 फरवरी: मौत के बाद मारपीट का वीडियो हुआ वायरल

दोस्तों से पुलिस ने की घंटों पूछताछ

उधर कर्नलगंज पुलिस ने घटना वाले दिन मृतक दिलीप के साथ होटल गए साथियों प्रकाश और समीर से रविवार को घंटों पूछताछ की. पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि हत्यारे शराब के नशे में थे. उन्होंने नशे की हालत में दिलीप की काफी बेरहमी से पीटाई की. जिससे वह गंभीर रुप से जख्मी हो गया. पुलिस दोनों दोस्तों को हत्यारों की पहचान कराने के लिए कई स्थानों पर ले गई.

एसएसपी ने हत्यारे की पुष्टि

उधर इस घटना के बाद शहर से लेकर लखनऊ डीजीपी ऑफिस तक फोन की घंटी घनघनाने लगी. इसके बाद पुलिस अधिकारियों को इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सीसीटीवी फुटेज में दिखे हत्यारे की खोजबीन शुरू की. एसएसपी आकाश कुलहरि ने हत्या करने वाले शख्स की जानकारी देते हुए बताया कि उसका नाम विजयशंकर सिंह है. वह सुल्तानपुर का निवासी है और रेलवे में टीटी के पद पर कार्यरत बताया जा रहा है.

बेरहमी को बयां कर रहे थे जख्म

दिलीप के शरीर के जख्म हत्यारोपियों की बेरहमी को बयां कर रहे थे. हमलावरों ने दिलीप को सिर से लेकर पैर तक पीटा था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुलिस को पता चला है कि सिर में प्रहार होने के कारण कई हड्डियां टूट गई थीं. पेट, पीठ, गर्दन और पैर में जख्म में कई निशान मिले हैं.

सबसे छोटा था दिलीप

मूल रूप प्रतापगढ़ के हथिगवां निवासी रामलाल सरोज के तीन बेटों में दिलीप कुमार सरोज सबसे छोटा था. अन्य भाइयों में बड़ा महेश चन्द्र रायबरेली में सांख्यिकी विभाग में तैनात है. जबकि वहीं दूसरे नम्बर का प्रदीप चन्द्र आईटीआई करने के बाद प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहा है.

हर कोई उदास है

घटना की जानकारी मिलने के बाद दिलीप के परिवार वाले पहले उसे एसआरएन लेकर गए. इसके बाद उसे सिविल लाइंस स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाकर भर्ती कराया था. रविवार सुबह उसकी मौत के बाद परिवार के लोग चीखें मारकर रो रहे थे. वहीं दोस्तों के चेहरे भी उदास नजर आए.

'योगी जी हत्यारों का एनकाउंटर करा दो'

जवान बेटे की लाश देख दिलीप की मां प्रेमलता पहले बेसुध हो गई. जब होश आया तो उनका खून खौल उठा. पुलिस और मीडियाकर्मियों के सामने प्रेमलता ने कहा कि योगी जी मेरे बेटे को मारने वालों का एनकाउंटर करवा दो, तभी सुकून मिलेगा. भाई की मौत पर दोनों बहनें और भाई भी बिलखते रहे.

मदद का हाथ बढ़ता तो बच जाती जान

समय रात साढ़े दस से ग्यारह बजे के बीच का था. कटरा की सड़क पर चहल-पहल. कालिका होटल के बाहर सीढि़यों पर एक युवक पर तीन लोग जानलेवा हमला कर रहे हैं. युवक लगभग अधमरा हो चुका है और अंतिम सांसें गिन रहा है. तब भी हमलावरों को उस पर रहम नहीं आया. वह रॉड और ईट से उस पर बेरहमी से हमला किए जा रहे हैं. यह सीन शुक्रवार की घटना की रात का है जब एलएलबी के छात्र दिलीप सरोज को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया. वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि रोड से लोग गुजर रहे हैं. लेकिन किसी ने हमलावरों को रोकने की हिम्मत तक नही दिखाई.

कहां चली गई संवेदनशीलता?

इस घटना के बाद सवाल यह उठता है कि आखिर लोगों की संवेदनशीलता कहां चली गई. घटना की कई फुटेज सीसीटीवी कैमरे की है तो एक क्लिपिंग मोबाइल से बनाई गई है. जो लोग इस फुटेज को रिकॉर्ड कर रहे थे, उन्होंने भी हमलावरों को भगाने की हिम्मत नहीं दिखाई. रविवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे दिलीप के दोस्तों का कहना था काश जो लोग वहां से गुजर रहे थे वह मदद का हाथ बढ़ा देते. हो सकता था कि दिलीप की जान बच जाती. बता दें कि घटनास्थल से कटरा पुलिस चौकी की दूरी भी महज सौ से डेढ़ सौ मीटर है. जबकि पूरा घटनाक्रम काफी लंबे समय तक चला. इस बीच कई लोग उधर से गुजरते भी रहे, पर किसी ने कटरा चौकी तक जाकर पुलिस को सूचना देना जरूरी नहीं समझा.

महज एक सवाल छोड़ गया वीडियो

रविवार को हत्या का वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया. लोग मोबाइल क्लिपिंग और सीसीटीवी फुटेज को डाउनलोड करने में लगे थे. लेकिन, यह फुटेज जेहन में एक सवाल छोड़कर चली गई कि समाज की संवेदनशीलता लगभग समाप्त हो चुकी है.

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