वेस्ट यूपी हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर केंद्रीय संघर्ष समिति ने किया ऐलान

Meerut. आंदोलन और धरना प्रदर्शन से हाईकोर्ट की बेंच नहीं मिलेगी बल्कि वकीलों को अब अपनी ताकत का अहसास कराना होगा. मंगलवार को वेस्ट यूपी हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर केंद्रीय संघर्ष समिति ने ऐलान किया कि अधिवक्ता कैराना और नूरपुर के चुनाव में भाजपा को ताकत का अहसास कराएंगे. यदि उप चुनावों में 22 जनपदों के अधिवक्ता अपनी ताकत दिखा पाए, तो स्वयं बेंच मिल जाएगी. अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि अभी नहीं तो कभी नहीं बेंच मिल पाएगी.

भाजपा को हराएंगे

मंगलवार को केंद्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उप्र की बैठक यहां पंडित नानक चंद सभागार में हुई. समिति ने बैठक में साफ कर दिया कि गोरखपुर और फूलपुर में हार के बाद भाजपा की प्रदेश और केंद्र की सरकार हिल गई थी, कुछ ऐसा ही कैराना और नूरपुर में होना चाहिए. अधिवक्ता अब अपनी आवाज सड़कों पर नहीं बल्कि बैलट पेपर से बुलंद करें. बैठक में तय हुआ कि वेस्ट यूपी के 22 जनपदों के अधिवक्ता उपचुनाव में जनता के बीच जाकर हाईकोर्ट बेंच के मुद्दे को रखेंगे तो वहीं सरकारों के रवैये की जानकारी भी आम पब्लिक को देंगे. अब मौका है कि कैराना व नूरपुर उप चुनाव में सरकार को अपनी ताकत दिखा दें. वह यह अहसास करने को बाध्य हों कि अधिवक्ताओं के विरोध के चलते ही यह सीटें गंवानी पड़ी हैं. अध्यक्षता समिति चेयरमैन राजेंद्र सिंह जानी व संचालन देवकी नंदन शर्मा ने किया.

ये प्रस्ताव हुए पास

पश्चिमी उप्र में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए 19 मई को जनपद शामली में दोपहर 12 बजे एवं बिजनौर में दोपहर बाद तीन बजे प्रेस वार्ता होगी. जिसमें पश्चिमी उप्र के सभी जनपदों व तहसील बार एसोसिएशन आदि के पदाधिकारी उपस्थित होंगे.

कैराना में होने जा रहे उप चुनाव में जिस भी तारीख को जनपद शामली एवं नूरपुर बिजनौर उप चुनाव में भाजपा का कोई भी नेशनल लीडर या स्वयं मुख्यमंत्री का आगमन होता है तो उस तिथि को 'बेंच नहीं दो वोट नहीं' के नारे के साथ पश्चिमी उप्र के विभिन्न जनपदों व तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ता बसों से अधिक से अधिक संख्या में उक्त स्थान पर पहुंचेंगे. साथ ही बेंच को लेकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे.