दोबारा बनायी जा रही है 45 मिनट की डाक्यूमेंट्री फिल्म

जुलाई तक लाइट एंड साउंड शो शुरू कराने का लक्ष्य

VARANASI

प्रसाद योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से काशी को प्रमुख पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए काफी धन खर्च किया जा रहा है। बावजूद इसके सारनाथ में पर्यटकों और काशी की जनता को अभी तक लाइट एंड साउंड शो का दीदार नहीं हो पाया। पुरातात्विक महत्व के खंडहर परिसर में दिखायी जाने वाली 45 मिनट की डाक्यूमेंट्री फिल्म दोबारा बनायी जा रही है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी अब दूसरी कम्पनी को दी गयी है। फिलहाल काशी की जनता को फिल्म बनने तक लाइट एंड साउंड शो का इंतजार करना पड़ेगा।

पीएम के हाथ होना था उद्घाटन

सारनाथ के खंडहर परिसर में प्रस्तावित लाइट एंड साउंड शो प्रोजेक्ट संशोधन के जाल में उलझ गया है। इसमें हो रही लेटलतीफी से केंद्र सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है। प्रवासी भारतीय दिवस के दौरान पर्यटन विभाग पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों इसका लोकार्पण कराने चाहता था जो नहीं हो सका। भगवान गौतम बुद्ध के जीवन और सारनाथ पर आधारित 45 मिनट की डाक्यूमेंट्री बनायी गयी थी, दो दिन इसका ट्रायल कराया गया था। बाद में टूरिज्म विभाग के डायरेक्टर ने इस डाक्यूमेंटी फिल्म को रिजेक्ट कर दिया था। इसके बाद दूसरी प्रोडेक्शन टीम को फिल्म बनाने का टेंडर दिया गया है।

आठ करोड़ खर्च

45

मिनट की डाक्यूमेंटी फिल्म भगवान गौतम बुद्ध के जीवन और सारनाथ के बारे में दिखाने की जिम्मेदारी

7.88

करोड़ लागत का लाइट एंड साउंड शो प्रोजेक्ट मार्च 2018 में पूरा होना था।

2016

मार्च में इसके लिए केंद्रीय पर्यटन विभाग ने शासनादेश जारी किया था।

2019

जुलाई तक इस शो को शुरू कराने का टरगेट है।

18

महीने में लाइट एण्ड साउंड सिस्टम के लिए स्ट्रक्चर बनाने का काम राजकीय निर्माण निगम ने पूरा किया।

सामान फांक रहे धूल

लाइट एंड साउंड शो के लिए लोहे की पाइप का स्टैंड बना दिया गया है। इस पर स्क्रीन भी चढ़ा दी गयी है। पूरे परिसर में जगह-जगह लाइट और साउंड भी लगा दिया गया है। पर्यटकों के बैठने के लिए कुर्सी भी आ चुकी है, जो खुले आसमान में रखी गयी है।

वर्जन

पहली डाक्यूमेंट्री फिल्म में कुछ दिक्कत थी, इसलिए टूरिज्म विभाग के डायरेक्टर ने उसे रिजेक्ट कर दिया था। इसके बाद दूसरी प्रोडक्शन टीम डाक्यूमेंट्री फिल्म बना रही है। जुलाई तक लाइट एंड साउंड शो शुरू कराने का लक्ष्य है।

-अविनाश चंद्र मिश्रा, सहायक निदेशक पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश