लिसाड़ी गेट में दर्ज की गई सबसे ज्यादा शिकायतें, वीआईपी क्षेत्र भी सुरक्षित नहीं

रेलवे रोड एरिया में सबसे कम होती हैं क्राइम की घटनाएं, देहली गेट थाने में दूसरे नंबर सबसे ज्यादा शिकायतें

Meerut. शहर में क्राइम का ग्राफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है. हालांकि क्राइम कंट्रोल करने के लिए पुलिस अधिकारियों की ओर कई दावे किए जाते हैं. बावजूद इसके, बीते दिनों में हत्या, लूट और छेड़छाड़ की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं. हालत यह है कि शहर के कुछ थाना क्षेत्रों में शिकायतों की संख्या बढ़ गई है. पुलिस विभाग के ही आंकड़ों के मुताबिक लिसाड़ी गेट में सबसे ज्यादा मुकदमें दर्ज किए गए हैं.

बोल रहे आंकड़ें

पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक लिसाड़ी गेट थाने में एक जनवरी से 30 अगस्त तक 1400 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, जबकि शहर के बीचोबीच थाना रेलवे रोड में अभी तक मुकदमों में 200 का भी आंकड़ा भी पार नहीं हो सका है. फिलहाल रेलवे रोड थाने में 194 मुकदमे दर्ज हैं. इसलिए रेलवे रोड थाना क्षेत्र सबसे सेफ जोन है. लिसाड़ी गेट सबसे खतरनाक थाना क्ष्ोत्र है.

सेफ जोन में रेलवे राेड एरिया

रेलवे रोड में महावीर नगर, जैन नगर, पूर्व शेखलाख, पूर्वा महावीर नगर समेत कई क्षेत्र आते है. इस क्षेत्र से निकलना काफी सेफ माना जा रहा है.

वीआईपी क्षेत्र नहीं सुरक्षित

शहर के वीआईपी क्षेत्र कहे जाने वाले सिविल लाइंस में डीएम और एसएसपी का निवास है. इसके साथ पॉश कॉलोनी साकेत भी है. इस थाने में भी 480 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. यह थाना क्षेत्र भी लोगों के लिए सुरक्षित नहीं है. हालत यह है कि बीते 8 महीने में चोरी, लूट, हत्या, डकैती, छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं में 480 के करीब मुकदमें दर्ज हो चुके है.

क्षेत्र में गश्त करने के लिए इंस्पेक्टर व एसओ को निर्देश दिए गए है. अगर किसी क्षेत्र में घटना हुई तो सिपाही से लेकर सर्किल के सभी पुलिस अधिकारियों से जवाब-तलब होगा.

अखिलेश कुमार, एसएसपी

क्राइम के आंकड़े

1 जनवरी से 31 अगस्त 2018 तक

थाना - मुकदमें

लिसाड़ी गेट - 1405

ब्रह्मापुरी - 932

परतापुर - 595

गंगानगर - 260

पल्लवपुरम- 304

सदर कोतवाली - 480

शहर कोतवाली - 434

लालकुर्ती - 301

देहली गेट - 1255

सिविल लाइन - 480

कंकरखेड़ा - 1106

नौचंदी - 521

मेडिकल - 543

रेलवे रोड - 192

टीपी नगर - 1232