8 लाख से अधिक वाहनों का बोझ ढो रही शहर की सड़कें

तीन साल में डेढ लाख के करीब बढ़ गई वाहनों की संख्या

हर साल बढ़ रहे 51 हजार वाहनों की संख्या

MEERUT। शहर की सीमित सीमाओं के बीच लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या शहर की सड़कों से लेकर गलियों तक में जाम का कारण बनती जा रही हैं। स्थिति यह है कि शहर में आप कहीं भी निकल जाओ, जाम के कारण आपका मिनटों का सफर घंटों में बदल जाता है। यहां तक की शहर की गलियों में भी अब वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। जिन घरों में पार्किंग की व्यवस्था नही होती वह गली में अपना वाहन खड़ा रखते हैं। ऐसे में पुराने शहर की संकरी गलियां भी अब पार्किंग स्थल में बदल चुकी हैं। हालत यह है कि गत तीन साल में शहर में डेढ़ लाख से अधिक वाहनों की संख्या बढ़ चुकी है और यह संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही जबकि सड़कें व पार्किंग सीमित हैं।

डेढ़ लाख वाहन

परिवहन विभाग के आंकडों पर नजर डालें तो तीन साल पहले साल 2017 में विभाग में कुल 654371 वाहन पंजीकृत थे। जबकि इस साल 2019 में अप्रेल माह तक वाहनों की संख्या बढ़कर 809978 तक पहुंच गई। इनमें सबसे अधिक प्राईवेट वाहन रहे जिनकी संख्या इस साल तक 759484 है जबकि कामर्शियल वाहनों की संख्या अब 50494 हो चुकी है। ऐसे में यह तीन साल पहले से तुलना करें तो इस साल करीब 155607 वाहनों की संख्या जनपद में बढ़ चुकी है। इसमें भी प्राईवेट वाहनों की संख्या सर्वाधिक है।

रोजाना 142 वाहन

वहीं इस आंकड़े के अनुसार यदि ध्यान दें तो परिवहन विभाग मे 2017 के बाद से प्रतिवर्ष 51869 करीब वाहन और प्रतिदिन करीब 142 वाहन विभाग में रजिस्टर्ड होकर सड़कों पर आ रहे हैं। और इसके एवरेज में अपनी आयु पूरी करने वाले वाहनों को डंप करने की प्रक्रिया नाममात्र है विभाग ने इस साल करीब 2700 वाहनों का रजिस्ट्रेशन निरस्त किया है। इनमें भी अधिकतर शहर की सड़कों पर संचालित हो रहे हैं।

प्राईवेट वाहनों की संख्या दिनो दिन बढ़ रही हैं। मोटर कंपनियों के ऑफर, किश्तों की सुविधा आदि होने के कारण अब कार आम आदमी की पहुंच में हो गई इसलिए संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।

श्वेता वर्मा, एआरटीओ

आंकडों पर नजर

654371 वाहन पंजीकृत 2017 में

809978 वाहन पंजीकृत 2019 में

155607 वाहन तीन साल में बढ़े

142 वाहन रोजाना हो रहे रजिस्टर्ड

759484 प्राइवेट वाहन 2019 तक

50494 कमर्शियल वाहन 2019 तक