नए मैनेजर जब किश्त लेने आए तब हुआ खुलासा

पीडि़त ने सीएम व अन्य मंत्रियों से की थी शिकायत

आगरा. थाना ताजगंज निवासी दिव्यांग को शातिरों ने निशाना बना लिया. डेयरी लोन के नाम पर उसके मकान पर लोन करा दिया. उससे 14 लाख रुपया भी ले गए. जब दिव्यांग युवक को सच्चाई का पता चला तो उसके होश उड़ गए. उसने मामले में एसएसपी से शिकायत की है. एसएसपी ने जांच सीओ सदर को सौंपी है.

एक साल पहले कराया था लोन

कहरई मोड़, रश्मि विहार, ताजगंज निवासी रनवीर सिंह धाकरे के मुताबिक वे शरीर की गंभीर बीमारी से पीडि़त हैं. साथ ही दिव्यांग हैं. उनकी तीन बेटियां भी दिव्यांग हैं. इन्होंने अपनी जमीन बेचकर मकान खरीदा था. 2016 में कुछ दलालों ने उन्हें डेयरी लोन की जानकारी दी. कहा कि उसमें 35 प्रतिशत की छूट मिलेगी और ब्याज भी नहीं देना होगा. वह झांसे में आ गए. लोन का 27 लाख 50 हजार रुपया उनके अकाउंट में आ गया.

लोन के एवज में लिए रुपये

शातिर युवक उनसे 14 लाख 13 हजार रुपये व बाद में दो लाख रुपये और ले गए. इसके बाद वह किश्त के 40 हजार रुपये महीना भरने लगे. 11 महीने बाद नए मैनेजर किश्त लेने उनके घर पर पहुंचे तो उनको पता चला कि लोन उनके मकान पर लिया गया है. इसके बाद उन्होंने किश्त भरना बंद कर दिया. मकान पर बैंक का नोटिस चस्पा को गया.

सीएम से की शिकायत

2017 में उन्होंने लखनऊ जाकर सीएम से शिकायत करनी चाही, लेकिन वह मिल नहीं सके. इसके बाद उन्होंने रजिस्ट्री से सभी को प्रार्थनापत्र भेजा. पीडि़त ने सोमवार को एसएसपी से मामले की शिकायत की. एसएसपी ने सीओ सदर को जांच सौंपी है. पीडि़त के मुताबिक बुधवार को उन्होंने कार्यालय पर कागज लेकर बुलाया है.

फायदा दिखाकर छल लिया

पीडि़त के मुताबिक शातिरों ने कहा था कि 10 लाख का फायदा करा रहे हैं. ब्याज भी नहीं देना होगा. लोन में मिले रुपयों से ही शातिरों को रुपया दिया था. पीडि़त के मुताबिक मिलीभगत से सब हुआ है. पीडि़त के मुताबिक नए मैनेजर तो चले गए, लेकिन दलाल अभी घूम रहे हैं. आर्थिक स्थिति कमजोर है. पड़ोसियों की मदद से घर चलता है.