फर्जीवाड़ा कर करोड़ों का चूना लगाकर फरार दो महिलाएं गिरफ्तार
allahabad@inext.co.in
ALLAHABAD: एलआईसी के खाताधारकों के इंस्टालमेंट के पैसों को दिखाकर करोड़ों का लोन लेने वाले आरोपियों में फरार चल रही महिला आरोपी निशा पाण्डेय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इसकी तलाश में नैनी पुलिस वर्ष 2014 से लगी थी. पुलिस के मुताबिक गिरफ्त में आयी महिला आरोपी लगातार ठिकाना बदल रही थी. जांच में उसकी लोकेशन रामपुर, सागर, सूरत जैसे स्थानों पर मिली.

फर्जी रसीद देकर करते थे खेल
इंस्पेक्टर नैनी ने बताया कि रमेश पाण्डेय और पुनीत पाण्डेय नाम के दो युवक एलआईसी में एजेंट थे. दोनों ने एलआईसी के दो कर्मचारी मुस्ताक और राकेश के साथ मिलकर फर्जीवाड़े की योजना तैयार की. इसके बाद एलआईसी के खाताधाराकों से उनकी इंस्टालमेंट लेकर उसे उनके खाते में जमा करने की बजाय अपनी पत्‍‌नी और रिश्तेदारों के नाम से जमा कर देते थे और खाताधारकों को फर्जी रसीद थमा देते थे. ऐसे में खाताधारकों को शक नहीं होता था. दोनों एजेंट कई साल से इसी प्रकार फर्जीवाड़ा कर रहे थे. इसी बीच एलआईसी शाखा नैनी के ब्रांच हेड दुष्यंत कुमार को फर्जीवाड़े की जानकारी हुई. उन्होंने जांच शुरू की. जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद एलआईसी कर्मचारियों की मिली भगत प्रकाश में आयी. दुष्यंत कुमार ने फर्जीवाड़े का मुकदमा 2014 में दर्ज कराया.

कर्मचारी ने कोर्ट में दी थी अर्जी
नैनी पुलिस के मुताबिक फर्जीवाड़े में गिरफ्तारी के बाद आरोपी कर्मचारी मुस्ताक खां ने हाईकोर्ट में अर्जी देकर फर्जीवाड़े में शामिल आरोपियों को भी शामिल करने की बात की. हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए अन्य फर्जीवाड़े के आरोपियों को भी गिरफ्तार करने का निर्देश दिया. इसके बाद पुलिस ने पुनित पांडेय, रमेश चन्द्र पांडेय समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया. प्रकरण में आरोपी निशा पाण्डेय और श्वेता पाण्डेय फरार चल रही थी. कोर्ट की सख्ती के बाद एसएसपी ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 20 हजार के इनाम की घोषणा की. पुलिस ने आरोपी श्वेता पाण्डेय को बीते 30 जून को गिरफ्तार किया. निशा पाण्डेय को 2 जुलाई को पकड़ा गया.