क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: सिटी के टू-व्हीलर राइडर्स को अब ज्यादा सावधानी बरतनी होगी. शहर की पुलिस हेलमेट की जांच में यह भी देखेगी कि हेलमेट आईएसआई मार्क का है या लोकल मेड है. एसएसपी ने इस संबंध में मातहत अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं. लोकल हेलमेट जिनमें आईएसआई मार्क और कोड नहीं पाए जाएंगे उन्हें पहनना गैरकानूनी माना जाएगा. इस संबंध में जल्द ही ट्रैफिक पुलिस लोगों को अवेयर भी करेगी और उसके बाद कार्रवाई की प्रक्रिया की जाएगी. विदित हो कि सड़क सुरक्षा समिति की रिपोर्ट के बाद सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार गैर भारतीय मानक आईएसआई हेलमेट्स के निर्माण, भंडारण और बिक्री करने को गैरकानूनी करार दिया गया है. अब सड़कों पर लोकल हेलमेट्स बेचना और खरीदकर घुमने पर गिरफ्तारी हो सकती है.

बिना वारंट होगी गिरफ्तारी

इस मामले में जारी नियम के अनुसार पुलिस को यह अधिकार होगा कि वह लोकल हेल्मेट्स का कारोबार करने वाले को बिना वारंट के सीधे गिरफ्तार कर सकती है. पहली बार दोषी पाए जाने पर दो साल की जेल और दो लाख रुपए का जुर्माना भी भरना होगा. इसके बाद भी यदि कारोबार करते पकड़ा गया तो सजा की सीमा अधिक हो जाएगी.

सिटी में करोड़ों का कारोबार

सिटी में लोकल हेलमेट्स का करोड़ों का कारोबार होता है. सड़क से लेकर फुटपाथ और दुकानों तक में 100 रुपए से लेकर 500 रुपए तक के हेलमेट मिलते हैं. इनका उपयोग केवल पुलिस की जांच से बचने के लिए किया जाता है क्योंकि गुणवत्ता और सुरक्षा के मामले में ये हेलमेट्स फिसड्डी साबित होते हैं.

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देखा जा रहा है कि लोग केवल पुलिस से बचने के लिए किसी भी स्तर का हेलमेट पहन ले रहे हैं. इससे उन्हें खतरा भी बढ़ रहा है और यह नियमों के विरुद्ध भी है. मामले में आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

अनिश गुप्ता, एसएसपी, रांची

सड़कों पर बिकने वाले हेलमेट लोगों की सुरक्षा नहीं कर सकते, केवल पुलिस की जांच से बचाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है. पुलिस को इसपर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.

अमित चावला, व्यवसायी