- कई जिलों में अनयूज्ड ईवीएम की आवाजाही के बाद फैली अफवाह
- आयोग ने शिकायतों को किया खारिज, वास्तविक तथ्य किए पेश
- हर जिले में सीपीएमएफ द्वारा स्ट्रांग रूम की हो रही कड़ी निगरानी

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LUCKNOW : लोकसभा चुनाव का मतदान संपन्न होने के बाद आए एग्जिट पोल के नतीजों से परेशान विपक्ष को सोमवार को ईवीएम की आवाजाही को लेकर एक नया मुद्दा तो मिला पर चुनाव आयोग ने इसे महज अफवाह करार देकर और प्रत्येक मामले में सही स्थित से अवगत कराकर मामले का पटाक्षेप कर दिया। आयोग ने गाजीपुर, चंदौली, डुमरियागंज और झांसी में ईवीएम की आवाजाही को लेकर उठे सवालों का विस्तार से जवाब देने के साथ यह आश्वासन भी दिया कि प्रत्येक जिले में केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी में स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की जा रही है और किसी भी सूरत में ईवीएम से छेड़खानी नहीं हो सकती है। आयोग ने प्रत्याशियों की मांग पर यह फैसला भी लिया कि स्ट्रांग रूम के बाहर तीन-तीन शिफ्ट में प्रत्याशियों के प्रतिनिधि रुक सकते हैं। इस बाबत सभी जिलों के डीएम को आदेश जारी कर दिए गये हैं।

रातभर धरने पर बैठे रहे अफजाल अंसारी
गाजीपुर जिले में ईवीएम से भरी गाडिय़ों की आवाजाही के बाद गठबंधन प्रत्याशी अफजाल अहमद अंसारी अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गये और उनकी स्थानीय पुलिस से जमकर कहासुनी भी हुई। सुबह होते ही तमाम विपक्षी दलों के समर्थक सोशल मीडिया पर इसे प्रचारित करने लगे और चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे। कई दलों के नेताओं ने तो अपने समर्थकों से मतगणना तक स्ट्रांग रूम के बाहर डेरा डालने को कह दिया। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने कार्यकर्ताओं के लिए एक ऑडियो जारी किया जिसमें अफवाहों और एग्जिट पोल से नहीं घबराने की बात कही। उन्होंने कहा कि आप लोग स्ट्रांग रूम और काउंटिंग सेंटर्स पर डटे रहिए और चौकन्ने रहिए। वहीं सपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से भेंट कर अपनी आशंकाओं के बारे में अवगत कराया। सोशल मीडिया पर प्रचारित हो रहे वीडियो और अफवाहों के बाद केंद्रीय चुनाव आयोग ने ईवीएम की आवाजाही को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया तो सुबह 12 बजे मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर ईवीएम के सुरक्षित रहने का दावा किया गया और विपक्ष की आशंकाओं को लेकर सिलसिलेवार तरीके से सही स्थिति से अवगत कराया गया।

'भारत निर्वाचन आयोग सभी को यह आश्वस्त करना चाहता है कि समस्त लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के सभी मतदेय स्थलों पर मतदान में इस्तेमाल हुई ईवीएम तथा वीवीपैट मशीनों को निर्धारित स्ट्रांग रूम में त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत आयोग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के तहत सुरक्षित रखा गया है तथा सभी प्रत्याशियों एवं राजनैतिक दल लगातार उक्त व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में सभी राजनैतिक दलों तथा प्रत्याशियों द्वारा उक्त सुरक्षा-व्यवस्था पर अपना पूर्ण संतोष व्यक्त किया गया है।'
- एल वेंकटेश्वर लू, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश

इन जगहों पर मचा बवाल
गाजीपुर - गाजीपुर में देर रात मचे हंगामे के बाद आयोग ने सही स्थिति को सबके सामने रखा। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एक प्रत्याशी द्वारा मतदान में इस्तेमाल ईवीएम के स्ट्रांग रूम की निगरानी के लिए प्रतिनिधियों को रहने की अनुमति मांगी गयी। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा सभी प्रत्याशियों को समान अवसर देते हुए एक प्रतिनिधि की अनुमति दी गयी ताकि लोगों की भीड़ न जुटे।

चंदौली - चंदौली में रिजर्व व अनयूज्ड ईवीएम तथा वीवीपैट सभी राजनैतिक दलों व प्रत्याशियों को पूर्व में सूचित करते हुए स्ट्रांग रूम में रखी जा रही थीं। एक राजनैतिक दल के प्रतिनिधियों द्वारा इसका विरोध किया गया और यह मांग की गई कि इन मशीनों को कलेक्ट्रेट कार्यालय में स्थानांतरित किया जाए। जिसके बाद इनको कलेक्ट्रेट कार्यालय में रखवाया गया।

डुमरियागंज-  डुमरियागंज में भी अनयूज्ड और रिजर्व ईवीएम तथा वीवीपैट मशीनों को अगले चरण के चुनाव वाले जनपदों में भेजने से संबंधित पाया गया। कुछ राजनैतिक दलों द्वारा इसका विरोध किया गया था। जिला निर्वाचन अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद प्रत्याशियों ने स्ट्रांग रूम का निरीक्षण किया और प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया। उनको अनयूज्ड और रिजर्व ईवीएम व वीवीपैट मशीनों की संख्या तथा सूची भी दी गई है।
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झांसी- झांसी का मामला सिटी मजिस्ट्रेट के वाहन में रखी ईवीएम से संबंधित पाया गया। यह मतदान में अनयूज्ड ईवीएम थी तथा मतदान के बाद स्ट्रांग रूम में वापस रखने के लिए ले जायी जा रही थी। यह पूरी प्रक्रिया प्रत्याशियों के समक्ष पूरी की गई जिसपर उनके द्वारा संतोष व्यक्त किया गया। इस प्रकरण की जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा तत्समय ही तत्काल मीडिया को दी गई थी।