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LUCKNOW : लखनऊ लोकसभा सीट से भाजपा ने दोबारा राजनाथ सिंह को टिकट दिया तो यह संभावना जताई जाने लगी कि गठबंधन और कांग्रेस भी राजनाथ के मुकाबले में मजबूत प्रत्याशी उतारेंगे हालांकि गठबंधन की ओर से पूनम सिन्हा और कांग्रेस की ओर से आचार्य प्रमोद कृष्णम को टिकट दिए जाने के फैसले ने सबको चौंका दिया। सवाल उठने लगे कि पिछले चुनाव में ढाई लाख वोटों से ज्यादा अंतर से जीत हासिल करने वाले राजनाथ को दोनों दलों के पैराशूट प्रत्याशी कैसे शिकस्त देंगे। दरअसल, हालिया लोकसभा चुनाव में तमाम सीटों पर कुछ ऐसा ही हाल है। आईए आपको बताते हैं कुछ ऐसे ही पैराशूट प्रत्याशियों के बारे में...

हर दल ने उतारे पैराशूट प्रत्याशी
दरअसल, चुनाव में हर दल ने कई सीटों पर पैराशूट प्रत्याशियों को ही तवज्जो दी है। राजनीति में आमद करने वाले शायर इमरान प्रतापगढ़ी को मुरादाबाद से कांग्रेस ने टिकट दिया तो पिता की राजनैतिक विरासत को आगे बढ़ाने आईं संघमित्रा मौर्य को भाजपा ने बदायूं में कद्दावर सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के मुकाबले में उतार दिया। आगरा से सांसद रामशंकर कठेरिया को इटावा से टिकट मिला तो उनका विरोध शुरू हो गया। इसी तरह पहले मुरादाबाद से प्रत्याशी बनाए गये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर ने फतेहपुर सीकरी से चुनाव लडऩे का इरादा किया जिसके बाद पार्टी ने उनकी सीट बदल दी। सीतापुर से बसपा प्रत्याशी नकुल दुबे का विरोध भी लगातार जारी है। हाल ही में राजनीति में आए भोजपुरी कलाकार दिनेश यादव 'निरहुआ' को भाजपा ने आजमगढ़ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुकाबला करने को टिकट दिया है।

बागियों को भी उतारा
पैराशूट प्रत्याशियों में वे बागी नेता भी शामिल हैं जिन्होंने पसंदीदा सीट से टिकट न मिलने की सूरत में दल बदलने से गुरेज नहीं किया। भाजपा ने प्रयागराज का टिकट फाइनल भी नहीं किया था कि वर्तमान सांसद श्यामाचरण गुप्ता सपा के खेमे में चले गये और बांदा से टिकट पा गये। लखनऊ से लगातार चुनाव लड़ रही प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को अचानक प्रयागराज जाकर चुनाव लडऩे का फरमान सुना दिया गया। गोरखपुर के सांसद प्रवीण निषाद भाजपा के खेमे में आए तो उनको संतकबीरनगर से चुनाव लड़ाने का फैसला लिया गया। इसी तरह कभी सक्रिय राजनीति में सीधा दखल न रखने वाली टीवी जर्नलिस्ट सुप्रिया श्रीनेत को कांग्रेस ने महराजगंज से टिकट दिया।  
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यहां भी हुआ बड़ा उलटफेर

इसके अलावा तमाम सीटों पर ऐसे उलटफेर देखने को मिल रहे हैं जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। भाजपा ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी और उनके सांसद पुत्र वरुण गांधी की सीट की अदला-बदली कर दी। मेनका अब सुल्तानपुर तो वरुण पीलीभीत से चुनाव लडऩे जा रहे हैं। इसी तरह जूता कांड से चर्चा में आए सांसद शरद त्रिपाठी का टिकट काटकर उनके पिता एवं पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी को देवरिया से प्रत्याशी बनाया गया है। रामपुर में नवाब घराने को दरकिनार कर संजय कपूर को टिकट देने की कांग्रेस की रणनीति लोगों के गले नहीं उतर रही है तो मुलायम के मैनपुरी से चुनाव लडऩे के बाद उनके पोते तेजप्रताप को सपा द्वारा फूलपुर से प्रत्याशी बनाने की चर्चा जोरों पर है। इसी तरह बाराबंकी सीट पर अपने पिता पीएल पुनिया की विरासत को बचाने के लिए तनुज पुनिया कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं।