जिले में जमकर हो रहा है आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन

सासंद राजेंद्र अग्रवाल के खिलाफ भी दर्ज हो चुका है मुकदमा

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MEERUT : मेरठ में लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में सिर्फ 14 दिन बाकी हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण व निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए मेरठ में चुनाव पर्यवेक्षक भी पहुंच चुके हैं। भारी संख्या में फोर्स भी मेरठ में आ चुकी है, लेकिन जिले में प्रत्याशी से लेकर पार्टी कार्यकर्ता तक जमकर आचार संहिता का उल्लंघन करने में लगे हैं। चुनाव आयोग द्वार बीते 10 मार्च को चुनाव की तरीखों के ऐलान के बाद देर शाम आचार संहिता लागू हो गई थी। तब से अब तक 17 दिनों में बसपा व भाजपा प्रत्याशी समेत कई के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हो चुका है।

दर्ज मुकदमों पर एक नजर में

12 मार्च

आर्दश आचार संहिता के उल्लंघन का सबसे पहला मुकदमा रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी और महासचिव सावित्री गौतम समेत तमाम रालोद के नेताओं के खिलाफ कंकरखेड़ा थाने में दर्ज हुआ। वजह थी बिना अनुमति सभा करना।

24 मार्च

भाजपा कार्यकर्ता विवेक रस्तोगी ने जिला प्रशासन से शास्त्रीनगर डी ब्लॉक में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल के कार्यालय के उद्घाटन की अनुमति मांगी थी। कार्यालय के उद्घाटन की अनुमति प्रशासन ने दे दी थी। लेकिन वहां पर 300 व्यक्तियों द्वारा एक सभा भी की गई। जिसके चलते नौचंदी थाने में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विवेक रस्तोगी समेत 150 लोगों के खिलाफ आचार संहिता के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

23 मार्च

ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के लिसाड़ी रोड पर मौजूद जमजम होटल में महागठबंधन प्रत्याशी याकूब कुरैशी बिना अनुमति के सभा कर रहे थे। पुलिस ने उनके खिलाफ आदर्श संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया।


24 मार्च

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर ने प्रशासन की बिना अनुमति के परतापुर के गीता भवन में सभा की थी। जिसमें परतापुर पुलिस ने चंद्रशेखर, पूर्व बसपा नेता अश्वनी जाटव, प्रशांत गौतम, पार्षद धर्मवीर सिंह समेत 150 अज्ञात लोगों के आर्दश आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया।

प्रत्याशियों व उनके समर्थकों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जो भी आर्दश आचार संहिता का उल्लंघन कर रहा है उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।

अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी