परिजनों और आसपास के लोगों को मतदान करने के लिए करेंगे प्रेरित

स्कूलों में बच्चों को मतदान के प्रति किया जा रहा जागरूक

MEERUT : स्कूलों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स भले ही वोट न दे पाएं, लेकिन 2019 के चुनावी महासमर में उनकी भूमिका कम महत्वपूर्ण नहीं है। मतदाता जागरूकता अभियान के तहत इस बार स्टूडेंट्स को अपने परिवार और आप-पास के लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। इस योजना के तहत घर-घर मतदान का संदेश पहुंचे इसलिए सभी सीबीएसई, माध्यमिक और बेसिक परिषद के स्कूलों में बच्चों को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

स्टूडेंट्स करेंगे जागरूक

इस बार स्कूलों में बच्चों को मतदान का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। इसके तहत स्कूलों में बच्चों को हर दिन अलग से बताया जा रहा है कि वह अपने परिजनों व आसपास के लोगों को वोट देने के लिए न केवल प्रेरित करें बल्कि वोटिंग वाले दिन उन्हें वोट देने के लिए तैयार भी करें। बेसिक परिषद के स्कूलों में यह अभियान जहां चल रहा है वहीं यूपी बोर्ड के स्कूलों में भी इसकी शुरुआत की जा रही है। स्कूल टीचर्स का कहना है कि गांव या देहात में अधिकतर लोग वोट देने नहीं जाते हैं। खासतौर से महिलाएं घर से बाहर नहीं निकलती हैं। ऐसे में बच्चों को स्कूल में वोटिंग के बारे में समझाया जा रहा है ताकि वह अपने घर व पड़ोस में लोगों को सही जानकारी दें और वोट करने के लिए लोगों को प्रेरित भी करें।

पेरेंट्स मीटिंग में बताएंगे महत्व

इस बार अधिक से अधिक मतदान के लिए स्कूलों में अलग से रैलियां व पैरेंट्स मीटिंग का भी सहारा लिया जा रहा है। इसके तहत स्कूली बच्चे गांव और देहात में जाकर लोगों को मतदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वहीं बेसिक परिषदीय स्कूलों में पैरेंट्स मीटिंग, प्रबंध समिति के जरिए भी लोगों को वोट देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

मतदाताओं को जागरूक करने के लिए स्कूलों में भी बच्चों को वोटिंग के लिए अवेयर किया जा रहा है। बच्चे अपने पेरेंट्स और आसपास के लोगों को वोटिंग के बारे में जानकारी देंगे और महत्व समझाएं इसलिए स्कूलों में यह अभियान चल रहा है।

सूर्यकांत गिरि, एबीएसए, मेरठ