कॉलेजों में चलाया जाएगा चुनाव आयोग का सर्टिफिकेट कोर्स

यूजीसी की रिसर्च में आया सामने 85 प्रतिशत को नहीं है नॉलेज

MEERUT : भविष्य में मतदान कर्मचारियों के साथ स्टूडेंट्स की ड्यूटी भी लग सकती है। वोटिंग का सही तरीका क्या है? वोट की प्रक्रिया को कैसे बेहतर तरीके से संपन्न कराया जा सकता है? कैसे वोटिंग लिस्ट बनती है? आदि विषयों की स्टूडेंट्स को पूरी नॉलेज होगी। क्योंकि बहुत जल्द कॉलेजों में स्टूडेंट्स को जागरूक करने के लिए निर्वाचन संबंधी सर्टिफिकेट कोर्स चलाया जाएगा। यूजीसी ने कुछ दिनों पहले एक सर्वे की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कॉलेजों व यूनिवर्सिटीज में मतदान की जागरुकता पर कोर्स शुरू करने की बात कही है।


रिपोर्ट में आया सामने

अभी बीते दिनों ही यूजीसी ने एक सर्कुलर जारी करते हुए पांच साल में 280 कॉलेजों की हुई रिसर्च में भी यहीं पाया है कि 85 फीसदी स्टूडेंट्स ऐसे हैं, जिनको वोटिंग लिस्ट में कैसे नाम आता है, वोटिंग प्रक्रिया का पूरा तरीका क्या है, उसकी नॉलेज नहीं है, इसके बाद ही यूजीसी मतदान को लेकर सख्त हुई है, ऐसे में उच्च शिक्षा अधिकारी ने भी मेरठ में यह महत्वपूर्ण कदम उठाने की बात कही हैं, जिसके तहत मेरठ व सहारनपुर में इसकी पहल की जाएगी।

आएगी जागरुकता

वोट कैसे बनते हैं? मतदान कैसे होता है? मतदान की प्रक्रिया क्या है? आदि निर्वाचन की तमाम जानकारियों को एक पाठ्यक्रम में जोड़ा जाएगा। मतदान जागरुकता के तहत डिग्री कॉलेजों में इस पाठ्यक्रम को तैयार कर एक सर्टिफिकेट कोर्स शुरु करने की लिए कहा गया है। क्षेत्रिय उच्च अधिकारी ने मेरठ व सहारनपुर मंडल के कॉलेजों में इसे शुरु करने के लिए कहा है। डिग्री कॉलेजों में ज्यादातर छात्र पहले मतदाता होते हैं, ऐसे छात्र मतदान की प्रक्रिया को समझकर दूसरों को जागरुक कर सकते हैं। इसे देखते हुए क्षेत्रिय अधिकारी ने पहल की है। उन्होंनें सभी कॉलेजों में इसे आगे बढ़ाने की हिदायत दी है। उन्होंने सभी कॉलेजों में प्रिंसिपल को पत्र भी भेजा है। कॉलेजों में एक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का मॉडल व वीवी पैट मशीन का मॉडल बनाने के लिए कहा है। साथ ही निर्वाचन की प्रक्रिया को एक सर्टिफिकेट कोर्स का समय में एक स्वयंसेवक के तौर पर कार्य कर सकेंगे।

होगा तीन माह का कोर्स

वैसे तो इस संबंध में अभी प्लानिंग चल रही है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि कोर्स कम से कम तीन माह का होगा। कोर्स को फ‌र्स्ट इयर में यूजी लेवल पर एडमिशन लेने वालों के लिए ही आवश्यक रखा जाएगा। जिनकी उम्र 18 साल होती है, सभी कॉलेजों में आवश्यक कोर्स के रूप में जोड़ा जाएगा, नए साल में इसे जोड़ने की बात चल रही है।

इस पहल से चुनाव के समय में मतदान कर्मियों की कमी दूर होगी, ऐसे छात्र निर्वाचन मित्र के तौर पर अपना योगदान कर सकेंगे। आवश्यक कोर्स के रूप में इसे जोड़ा जा सकता है

डॉ। राजीव गुप्ता, उच्च शिक्षा अधिकारी।