PATNA : लोकसभा चुनाव के फ‌र्स्ट फेज में लोकतंत्र की जीत हुई। बिहार में चार सीटों पर गुरुवार को लोगों ने जमकर वोट डाले। तेज और चिलचिलाती धूप भी वोटरों का उत्साह नहीं रोक पाई। बिहार की चारों सीटों गया, नवादा, औरंगाबाद और जमुई में नक्सलियों की सारी कारस्तानी धरी की धरी रह गई और लोगों ने घरों से निकलकर उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। छिटपुट जगहों पर ईवीएम की खराबी की शिकायतें, कहीं-कहीं हल्की-फुल्की झड़पें और इक्का-दुक्का केंद्रों पर बहिष्कार की घटनाओं को छोड़ दें तो चार संसदीय सीटों के लिए गुरुवार को हुआ मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।

फ‌र्स्ट वोटर्स ने खूब दिखाया जोश

कई मतदान केंद्रों पर ऐसे वृद्ध लोगों के आकर्षण का केंद्र थे जिनकी उम्र सौ के आसपास थी पर उत्साह में कमी नहीं दिख रही थी। वहीं, पहली बार वोट डाल रहे युवाओं का उत्साह देखते बन रहा था। वे मतदान के बाद सेल्फी भी ले रहे थे। नवादा संसदीय क्षेत्र के बरबीघा विधानसभा के बूथ नंबर 144 और 145 महबतपुर में बोगस वोटिंग रोकने के लिए पुलिस को हवाई फाय¨रग करनी पड़ी। इस दौरान पुलिस और शरारती तत्वों में जमकर रोड़ेबाजी हुई। कुछ जगहों पर स्थानीय समस्याओं को लेकर मतदान का बहिष्कार भी किया गया। गया के टनकुप्पा, डोभी में दो केंद्रों पर ग्रामीणों ने वोट नहीं डाले।

नक्सलियों की धमकी काम नहीं आई

वहीं, दूसरी ओर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों ने किसी भी धमकी को नजरअंदाज कर उत्साह के साथ मतदान में हिस्सा लिया। अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र डुमरिया स्थित अरबन सलैया बूथ के बाहर से दो केन बम भी बरामद किए गए, जिसे सुरक्षा बल ने निष्क्रिय कर दिया। नवादा लोस क्षेत्र के नवादा विधानसभा क्षेत्र के सिसवां गांव में पुलिस और ग्रामीणों में झड़प हो गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। वहीं बोधगया में बौद्ध भिक्षुओं ने भी मतदान में भाग लिया। जमुई के करीब डेढ़ दर्जन मतदान केन्द्रों पर ईवीएम में खराबी आ जाने से कुछ विलंब से मतदान शुरू हुआ।

सुबह सात बजे शुरू हुआ मतदान शाम छह बजे समाप्त हो गया। छह बजे के बाद लाइन में लगे लोगों को मतदान का मौका दिया गया। औरंगाबाद में मतदान की रफ्तार सबसे कम रही। नवादा विधानसभा उप चुनाव में 52.5 फीसद मतदान हुआ।

-श्रीनिवास, मुख्य निर्वाचन अधिकारी