85 कर्मियों को देना था एग्जाम

6 ने नहीं दिया एग्जाम

79 एग्जाम में हो गए थे फेल

- प्रमोशन के लिए कराए गए एग्जाम में पास न होने पर एलयू कर सकता है कार्रवाई

- कार्यपरिषद की बैठक में रखा जाएगा इन कर्मचारियों का मैटर

LUCKNOW : टेस्ट में फेल हुए कर्मचारियों पर अब एलयू कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। दरअसल कुछ दिनों पहले एलयू ने तृतीय श्रेणी के अपने कर्मचारियों का टाइपिंग टेस्ट लिया था। 85 कर्मचारियों का टेस्ट होना था जिसमें छह टेस्ट देने नहीं आए। जबकि 79 ने टेस्ट दिया। इसमें सभी कर्मचारी टेस्ट में फेल हो गए थे। अब इन कर्मचारियों का मामला यूनिवर्सिटी प्रशासन कार्यपरिषद में रखने जा रहा है। इसमें कार्यपरिषद कर्मचारियों पर जो भी कार्रवाई करेगी उसे लागू किया जाएगा। 29 अप्रैल को होने जा रहे कार्य परिषद में अब इन कर्मचारियों के भविष्य पर निर्णय लिया जाएगा।

बाहर हो सकते हैं कर्मचारी

सूत्रों के मुताबिक एजेंडे में उनका एक साल का इंक्रीमेंट रोकने की कार्रवाई के साथ दोबारा टेस्ट लेने का नियम कार्यपरिषद के सामने रखा जाएगा। जिस पर सभी सदस्यों की सहमती होती है तो कर्मचारियों को दोबारा टेस्ट होगा। इसमें भी जो फेल हो जाएगा तो एक शासनादेश के मुताबिक उसे बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। कार्यपरिषद की बैठक पहले 25 अप्रैल को होनी थी जिसे स्थगित कर अब 29 अप्रैल को रखा गया है। इसी में इन कर्मचारियों पर निर्णय लिया जाएगा।

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प्रो। चौधरी का मामला भी कार्यपरिषद में

एक ओर एलयू शिक्षक संघ प्रो। सुकांत चौधरी जो बिना छुट्टी मंजूर कराए विदेश चले गए उनके निलंबन का विरोध कर रहा है। वहीं एलयू प्रशासन अब उन पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। यूनिवर्सिटी ने प्रो। सुकांत चौधरी के मामले को भी कार्यपरिषद में रखने का निर्णय लिया है। इसमें एलयू की सेवा शर्तो के आधार पर कार्रवाई की संस्तुति पर निर्णय लिया जाएगा। वीसी ने यूनिवर्सिटी के एक्ट में दी गई शक्तियों के आधार पर प्रो। सुकांत चौधरी को सस्पेंड किया है। इस पर अब यूनिवर्सिटी में शिक्षक और प्रशासन में एक बार फिर से गतिरोध बढ़ने के आसार नजर आने लगे हैं।

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करियर एडवांसमेंट स्कीम का फायदा

कार्यपरिषद की विभिन्न विभागों में करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रमोशन पाने वाले शिक्षकों का भी लिफाफा खोला जाएगा। साथ ही फाइनेंस कमेटी की बैठक में हुए फैसलों को भी कार्य परिषद में रखा जाएगा।