- ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स का परिणाम हुआ जारी, पूरे देश से 116 शहर थे शामिल

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LUCKNOW

स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 की तरह ही ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स की परीक्षा में भी राजधानी को झटका लगा है. सोमवार शाम जारी परिणाम से यह साफ हो चुका है कि राजधानी का नाम देश के उन टॉप 10 शहरों से तो दूर उन 80 शहरों में भी शामिल नहीं है, जहां रहने योग्य सारी सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध हैं. जानकारी के अनुसार यूपी का एक भी शहर टॉप 10 में नहीं है.

कई शहर थे शामिल

स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान ही केंद्र स्तर से ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स (शहर कितना रहने योग्य) की शुरूआत की गई थी. यह एक तरह की परीक्षा थी और इसमें देशभर से राजधानी लखनऊ समेत 116 शहर शामिल किए गए थे. इनमें से 100 शहर वो भी शामिल थे, जिनका चयन स्मार्ट सिटी के लिए हो चुका है. जबकि ऐसे शहर भी शामिल किए गए हैं, जिनकी आबादी दस लाख से अधिक है, वहीं सभी राजधानियों को भी परीक्षा में शामिल किया गया था.

प्रदेश से 14 शहर

इसमें प्रदेश के 14 शहर शामिल हुए थे. इन 14 शहरों में वो 10 शहर भी शामिल हैं, जिनका चयन स्मार्ट सिटी में किया गया है जैसे लखनऊ, कानपुर आदि. जबकि चार अन्य शहरों में मेरठ, गाजियाबाद, रामपुर और रायबरेली शामिल थे.

100 अंक निर्धारित

इस परीक्षा के लिए 100 अंक निर्धारित किए गए थे. जिस शहर को जितने अंक मिलेंगे, उसके आधार पर उसकी रैंकिंग तय होनी थी. पहले जून माह में इस परीक्षा का परिणाम घोषित होना था लेकिन परिणाम सोमवार शाम जारी किया गया.

परीक्षा में शामिल प्रमुख बिंदु

1-सड़कों की स्थिति

2-पेयजल आपूर्ति

3-सीवरेज सिस्टम

4-पार्को की संख्या और स्थिति

5-ओपेन ग्राउंड की स्थिति

6-होटलों की संख्या और सुविधा

7-पॉल्यूशन लेवल

8-ऑनलाइन पब्लिक सुविधाएं

9-एजूकेशन लेवल

10-इंप्लॉयमेंट लेवल

11-वैट-जीएसटी वसूली का आंकड़ा

12-नालों की स्थिति

13-बिल्िडग अप्रूवल सिस्टम

14-पार्किग की स्थिति

15-ट्रैफिक की स्थिति

प्रदेश के शहरों की रैंकिंग

शहर रैंकिंग

गाजियाबाद 46

रायबरेली 49

अलीगढ़ 86

मेरठ 101