-मदरसों में एनसीईआरटी बुक्स से पढ़ाई कराने का है आदेश

-मगर बेसिक शिक्षा की किताबों से ही चलाया जा रहा है काम

-नवम्बर में है हॉफ ईयरली एग्जाम, स्टूडेंट्स हैं परेशान

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VARANASI

प्रदेश सरकार की मदरसों को आधुनिकीकरण किये जाने की कवायद फिलहाल सफल होती नहीं दिख रही है. एक अप्रैल से शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक मदरसों में एनसीईआरटी बुक्स नहीं पहुंच पाई हैं. इनकी जगह बेसिक शिक्षा परिषद की किताबों से ही काम चलाया जा रहा है. यही नहीं करीब 30 फीसदी मदरसों में ये पुस्तकें भी नहीं पहुंच पाई हैं. इससे यहां भी पुरानी किताबों से पढ़ाई कराई जा रही है. अक्टूबर या नवम्बर में हॉफ ईयरली एग्जाम होना है. ऐसे में स्टूडेंट्स नई किताबों से पूछे गए प्रश्न का जवाब कैसे देंगे? इसको लेकर टीचर्स व स्टूडेंट्स दोनों परेशान हैं.

आधुनिकीकरण का आदेश छलावा

प्रदेश सरकार ने जून महीने में मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत एनसीईआरटी की बुक्स से पढ़ाई कराने का आदेश दिया था. आदेश आए तीन महीने बीत गए, लेकिन आज तक किताबें नहीं आई. विकल्प के तौर पर बेसिक शिक्षा परिषद की किताबों को बांट दिया गया. वहीं तमाम मदरसों में ये किताबें भी आज तक नहीं पहुंच सकी हैं. इससे बच्चे प्रॉपर तरीके से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं.

तो कैसे देंगे एग्जाम?

मदरसा शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि हाफ ईयरली एग्जाम नजदीक हैं, लेकिन मदरसे करीब पांच माह से बच्चों को पुरानी पुस्तकों से ही तालीम दे रहे हैं. टीचर्स का कहना है कि अगले सत्र से एनसीईआरटी की बुक्स से पढ़ाई शुरू कराई जाये, क्योंकि अब समय नहीं है. मदरसों के सामने प्रॉब्लम है कि बेसिक की नई पुस्तकों के पाठ्यक्रम में बदलाव हुआ है. इसकी वजह से एग्जाम में स्टूडेंट्स को दिक्कत होगी.

टीचर्स को करना होगा ट्रेंड

एनसीईआरटी बुक्स पढ़ाने के लिए मदरसों में ट्रेंड टीचर्स नहीं हैं. जो शिक्षक हैं. उनकी ट्रेनिंग बेसिक शिक्षा परिषद के मानकों के अनुरूप हुई है. इससे एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने में उनको दिक्कत आ सकती है. इसके लिए टीचर्स को ट्रेंड भी करना होगा.

एक नजर व्यवस्था पर

150

मदरसे हैं डिस्ट्रिक्ट में

70

मदरसे हैं टोटल शहर में

85

आधुनिक मदरसे हैं जिले में

68

हजार स्टूडेंट्स करते हैं मदरसों में पढ़ाई

1100

टीचर्स की ऐडेड व आधुनिक मदरसों में है तैनाती

वर्जन-

फिलहाल जिला प्रशासन ने बेसिक शिक्षा परिषद की बुक्स ही मदरसों में वितरित करने का निर्देश दिया है. एनसीईआरटी बुक्स की शासन से उपलब्धता नहीं हो पाई है. ऐसे में बेसिक शिक्षा की किताबों से ही पढ़ाई कराई जा रही है.

विजय प्रताप यादव, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी