- नो एंट्री में बालू लदे ट्रक को पुलिस ने क्यों नहीं रोका

- आरोप निगम की लापरवाही से सड़क के गढ्डे में पलटा ट्रक

आगरा. सरकारी सिस्टम जानलेवा साबित हो रहे हैं. उनकी खामियों का भुगतान लोगों को जान देकर चुकानी पड़ रही है. ऐसा ही वाकया गुरुवार को हुआ. नो इंट्री में बेधड़क ट्रक घुस गया. ट्रक का दबाव सड़क सह नहीं पाई और धंस गई. इससे एक मजदूर की जान चली गई. इस घटना से पुलिस और नगर निगम पर उंगली उठ रही है.

बालू भरा था ट्रक

नगला रामबल, एत्मादउद्दौला निवासी 40 वर्षीय नरायण सिंह उर्फ नरैना पुत्र निन्नू राम मजदूरी करता था. रोज की तरह गुरुवार की सुबह चंबल मंडी, झरना नाला पर मजदूरी करने पहुंचा. वह वहां से ट्रक यूपी 80 डीपी 0350 बैठकर कमला नगर में बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान पर चम्बल डालने जा रहा था.

धंसकी और पलटा ट्रक

प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक नरायण ट्रक के ऊपर बैठा था. ट्रक पर रुकावट बनने वाले तारों को ऊपर करता था. ट्रक सुभाष नगर से गुजरा वहां पर सड़क किनारे की जमीन कुछ धंस गई थी. ट्रक वहीं से गुजरा और जमीन ज्यादा धंस गई. जिससे ट्रक का पहिया फंस गया और ट्रक टेड़ा हो गया. ऊपर बैठा मजदूर अपने को संभाल नहीं सका और नीचे गिर गया. वह ट्रक के नीचे दब गया. उसकी मौत हो गई.

शिक्षिका की एक्टिवा भी दबी

उसी तरफ से एक प्ले गु्रप स्कूल की शिक्षिका आ रही थी. उन्होंने ट्रक के बराबर से एक्टिवा निकालने का प्रयास किया. उसी बीच ही अचानक ट्रक पलट गया. नीचे फंसे मजदूर ने उन्हें धक्का दिया लेकिन वह खुद न निकल सका. शिक्षिका सड़क पर बेहोश होकर गिर गई. उन्हें स्कूल के लोग ले गए.

निगम पर लगा आरोप

मृतक मजदूर के परिजनों ने थाना न्यू आगरा में तहरीर दी. पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. परिजनों ने तहरीर में लिखा है कि नगर निगम की लापरवाही से बरसात के पानी से सड़क किनारे गढ्डा बन गया. यहां हादसा से नरायण की मौत हो गई. परिजनों के मुताबिक नरायण केबिन में बैठा था. शहर में तमाम सड़कों का यही हाल है. कहीं रोड बीच से टूटी है तो कहीं साइड से दबी हुई है.

नो इंट्री ने पुलिसिंग पर खड़े किए सवाल

इस मौत पर पुलिस की सतर्कता और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सुबह 6 बजे के बाद नो इंट्री हो जाती है. फिर ट्रक नो-इंट्री कैसा घुस गया? जबकि कई स्थानों पर पुलिस पिकेट भी तैनात रहती है. पुलिस की गाड़ी भी कॉलोनी में घूमती है. इसके बाद भी ट्रक का कॉलोनी के भीतर प्रवेश करना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ी करती है.