छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: मानगो में 600 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए जमीन पंसद नहीं आने से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम लटक गया हैं. शनिवार को हुए भूमि माप के दौरान इंजीनियरों ने इस भूमि पर प्लांट बनाने से मना कर दिया. इंजीनियरों का कहना है कि इस जमीन पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनना नामुमकिन है. अब नगर निगम नाप की रिपोर्ट लेने के बाद नए सिरे से सरायकेला जिला प्रशासन से सात एकड़ भूमि देने का प्रस्ताव भेजा जाएगा.

बंदोबस्त की भूमि

बताते चलें कि मानगो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए पड़ोसी सरायकेला जिले के कपाली नगर में मिली सात एकड़ जमीन नगर निगम, जुडको (झारखंड अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड ) और टाटा कंसल्टेंसी के इंजीनियरों ने नापसंद कर दी है. भूमि के बीच में बंदोबस्त की भूमि निकलने से इस जमीन पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बन सकेगा. मानगो में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए तीन जगह जमीन की जरूरत है. वार्ड नंबर 10 श्याम नगर में छह एकड़ जमीन मिल चुकी है. वहीं सरायकेला जिले के कपाली में सात एकड़ जमीन मिल गई थी जिसकी नाप शनिवार को की गई. माप में मालूम हुआ कि ट्रीटमेंट प्लांट की जमीन दो टुकड़ों में है. 1.2 एकड़ जमीन का प्लाट है वहीं बीच में सात एकड़ जमीन बंदोबस्त की है जिसे प्रशासन ने दूसरों को आवंटित कर दिया है. इसके बाद छह एकड़ जमीन फिर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की है. इंजीनियरों ने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की जमीन के बीच में बंदोबस्त की जमीन निकलने से संबंधित विभागों के अधिकारी परेशान हैं.

प्लांट बनाना मुश्किल

जुडको के अधिकारी शाहिद अली व साक्षी और टाटा कंसल्टेंसी के इंजीनियर सुनील कुमार ने कहा कि ट्रीटमेंट प्लांट की जमीन अलग-अलग मिलने से प्लांट बनाना मुश्किल है. सरायकेला जिले केचांडिल अंचल के सीआई (अंचल निरीक्षक) संतोष कुमार, अमीन कामदेव और राजस्व कर्मचारी चक्रधर महतो ने बताया कि माप की रिपोर्ट बनाकर दो दिनों में मानगो नोटिफाइड एरिया कमिटी (एमएनएसी) को दे दी जाएगी. इसके बाद एमएनएसी सरायकेला जिला प्रशासन से सात एकड़ भूमि की मांग करेगा. वहीं रांची बहरागोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 33 पर बालीगुमा इलाके में भी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की जमीन तलाशी जा रही है.