-देशी मांगुर की आड़ में थाई मांगुर की हो रही सप्लाई

-डीएम ने सभी एसडीएम को मांगुर मछली के पालन और बिक्री रोकने के दिए निर्देश

बरेली- मछली खाने के शौकीन कहीं देशी मांगुर के चक्कर में थाई मांगुर तो नहीं खा रहे हैं. यह सेहत के लिए हानिकारक है. एनजीटी के निर्देशों के तहत एक बार फिर से जानलेवा थाई मांगुर या हब्सी मांगुर मछली की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. मत्स्य विभाग के डायरेक्टर ने सभी जिलों में इसके पालन और बिक्री पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं. डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वह अपने एरिया में चेकिंग अभियान चलाकर इस मछली की पालन और बिक्री पर रोक लगाएं. जो भी थाई मांगुर का पालन कर रहे हों, उन्हें नोटिस भेजा जाए.

देशी की आड़ में थाई की सप्लाई

डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक देशी मांगुर की आड़ में थाई मांगुर का तालाबों में पालन किया जा रहा है. इसे मंडी में भी देशी मांगुर के नाम पर सप्लाई कराया जा रहा है. डीएम ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि थाई मांगुर मछली के पालन, मछली के बीज बनाने और आयात करने और मछली के परिवहन पर पूरी तरह से रोक लगाएं. इस तरह के तालाबों और दुकानों को चिन्हित कर लें और फिर मत्स्य विभाग और पुलिस की टीम के साथ छापेमारी कर कार्रवाई करें. पहले से पली मछली को नष्ट कराएं. इसके अलावा जुर्माना भी वसूला जाए.

इसलिए लगाई गई रोक

थाई मांगुर मछली सभी राज्यों में प्रतिबंधित है. यह मछली मांसाहारी प्रवृत्ति की है. यह मछली अन्य मछलियों को नुकसान पहुंचाती है. यह मछली सड़ा गला मांस खाती है, जिसकी वजह से जलीय पर्यावरण असंतुलित हो जाता है. इसके खाने से लोगों की सेहत बिगड़ने का भी खतरा रहता है.