-नियमों की अनदेखी कर धड़ल्ले से चल रहे शहर में कोचिंग

-अधिकतर कोचिंग में शोपीस बने फायर एक्सटिंग्यूशर

आगरा। गुजरात के सूरत में शुक्रवार को कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड ने हर किसी को हिला कर रख दिया है। बीस से अधिक स्टूडेंट्स की मौत ने कोचिंग सेंटरों में बरती जा रही लापरवाही को उजागर किया है। ताजनगरी में भी कई कोचिंग सेंटर्स हैं, जहां नियमों की अनदेखी कर धड़ल्ले से इनका संचालन किया जा रहा है। यहां कई ऐसे कोचिंग सेंटर्स हैं, जिन्होंने फायर विभाग से एनओसी ही नहीं ली है। दुर्घटना को ध्यान में रखते हुए शनिवार दोपहर एक बजे दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट की टीम ने आधा दर्जन कोचिंग सेंटरों में रियलिटी चेक किया तो अधिकतर में लापरवाही मिली।

95 फीसदी कोचिंग में नहीं फायर एक्सटिंग्यूशर

शहर में सैकड़ों कोचिंग सेंटर्स मानकों को ताक पर रख चल रहे हैं। अधिकतर कोचिंग सेंटरों में फायर एक्सटिंग्यूशर तक नहीं मिले। दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट की टीम ने सबसे पहले भगवान टॉकीज, सिकंदरा रोड स्थित केबीसी कोचिंग में रियलिटी चेक किया। यहां फायर एक्सटिंग्यूशर नहीं था। दूसरे मानकों की भी अनदेखी दिखाई। वहीं आगरा एनडीए एकेडमी में भी फायर एक्सटिंग्यूशर डैमेज मिला। यहां पर वाटर स्टॉक भी नहीं था।

ढाई फुट के रास्ते से निकलते हैं स्टूडेंट्स

सिकंदरा रोड स्थित कल्याणी प्वाइंट्स बिल्डिंग में पैरामाउंट कोचिंग में लगे फायर एक्सटिंग्यूशर अपडेट नहीं थे। कोचिंग रूम्स से निकलने का रास्ता ढाई फुट का था। इसी रास्ते से सैकड़ों स्टूडेंट्स निकलते हैं। कॅरियर लॉन्चर कोचिंग के मुख्य गेट के कोरिडोर में आधा दर्जन एयर कंडिशनर से कभी भी शॉर्ट सर्कि ट हो सकता है। यहां स्टूडेंट्स के निकलने का एक मात्र गेट है। साथ ही कोचिंग में किसी भी प्रकार की कोई फायर एक्सटिंग्यूशर नहीं मिला। बिल्डिंग के नीचे इमरजेंसी गेट पर ताले लगे थे। हादसा होने पर सैकड़ों बच्चों की जान जा सकती है।

दुर्घटना के बाद जागे फायर अधिकारी

सूरत में हुए हादसे के बाद जागे फायर विभाग ने टीम के साथ एक दर्जन से अधिक कोचिंग सेंटर्स का निरीक्षण किया। फायर अधिकारी अजय कुमार सिंह, इन्द्रकुमार गौतम ने कोचिंग्स में फायर एनओसी की जानकारी मांगी। अधिकतर कोचिंग संचालकों पर एनओसी नहीं मिली। उनका कहना था कि यह बिल्डिंग रेंट पर ली गई है एनओसी की जिम्मेदारी बिल्डिंग स्वामी की है। उन्होंने केबीसी, आगरा एनडीए एकेडमी, कॅरियर लान्चर, केडी कैम्पस, पैरामाउंट, अग्रबन्धु ज्ञान कोचिंग सहित दर्जनों कोचिंग सेंटर्स का निरीक्षण किया। सभी में मानकों की अनदेखी की जा रही है।

शिक्षा विभाग पर नहीं कोचिंग का हिसाब

नियमों की अनदेखी कर धड़ल्ले से चल रहे कोचिंग सेंटर्स का संबंधित विभाग पर भी कोई हिसाब-किताब नहीं है। एक वर्ष पूर्व आधा दर्जन कोचिंग सेंटरों को जिला विद्यालय निरीक्षण द्वारा नोटिस भेजा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे अवैध रूप से कोचिंग चलाने वालों के हौसले बुलंद हैं।

यहां मिली नियमों की अनदेखी

-केबीसी कोचिंग

-आगरा एनडीए एकेडमी

-कॅरियर लॉन्चर

-केडी कैम्पस

-पैरामाउंट

-अग्रबन्धु ज्ञान कोचिंग

--एपैक्स कोचिंग

-डी-3 क्लासेज

-ई-ज्ञान

-निशांत क्लासेज

कोचिंग्स का निरीक्षण किया गया है, इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उक्त रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। इसके बाद ही ऐसे कोचिंग सेंटरों पर कार्यवाही की जाएगी, जो मानकों को ताक पर रख बिना एनओसी के चल रहे हैं। अधिकतर कोचिंग ऐसी हैं, जहां नियमों की अनदेखी की जा रही है।

अजय कुमार सिंह, अग्नि शमन अधिकारी

नियमों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संचालकों पर कार्यवाही की जाएगी। इस संबंध में उनसे जवाब मांगा जाएगा। अगर वह मानक पूरे कर रहे हैं तो इसकी जानकारी उच्चशिक्षा कार्यालय में दें। मानक पूरे करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।

धीरेन्द्र गर्ग, उच्चशिक्षाधिकारी

सूरत में कोचिंग सेंट में हुई बच्चों की मौत काफी पीड़ादायक है। शहर में भी मानकों को ताक पर रख चल रहे कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन को कार्यवाही करनी चाहिए, जिससे सूरत जैसी घटना यहां घटित न हो।

सुशील चंद गुप्ता, अध्यक्ष अप्सा

शहर में मानकों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संचालकों पर कार्यवाही होनी चाहिए, जिससे सूरत में हुई घटना दोबारा न हो। दुर्घटना पर नप्सा परिवार गहरा दुख व्यक्त करता है।

संजय तोमर, अध्यक्ष नप्सा