शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक संस्थानों में संविधान दिवस पर हुए कई आयोजन

स्कूलों में स्टूडेंट्स ने प्रस्तुत किए कार्यक्रम, गोष्ठियां भी हुई

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ALLAHABAD: संविधान दिवस पर शनिवार को शैक्षणिक सहित विभिन्न संस्थाओं में कार्यक्रम आयोजित किए गए. बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े स्कूलों में संविधान दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. इस अवसर पर यूपीएस प्रतापपुर में बच्चों ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की पेंटिंग बनायी. आयोजनों में छात्र व छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया.

ली दायित्व निभाने की शपथ

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के लॉ फैकेल्टी में संविधान दिवस मनाया गया. यूनिवर्सिटी परिसर में परिचर्चा, क्विज, वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. इसके पहले कार्यक्रम की शुरुआत विधि विभाग के एचओडी प्रो. आरके चौबे द्वारा संविधान के प्रति विश्वास एवं नागरिकों के दायित्व के निर्वहन की शपथ दिलायी गई. इसमें टीचर्स, कर्मचारी व स्टूडेंट्स शामिल रहे. विधि विभाग के एलएलबी ऑनर्स एवं बीएएलएलबी आनर्स के स्टूडेंट्स की ओर से प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में प्रो. राकेश खन्ना, प्रो. सिद्धनाथ, डॉ. जयशंकर सिंह, डॉ. जेपी मिश्र, डॉ. अंशुमान मिश्र समेत अन्य लोग शामिल हुए.

एमएनएनआईटी में भी कार्यक्रम

मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में भी संविधान दिवस मनाया गया. छात्र क्रिया कलाप केन्द्र की ओर से कार्यक्रम का आयोजन कांफ्रेस हॉल हुआ. संस्थान के निदेशक प्रो. राजीव त्रिपाठी ने कार्यक्रम की शुरुआत की. मुख्य वक्ता प्रो. आरके चौबे ने अपने विचार रखे. आयकर विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों को संविधान में विश्वास रखने व नागरिक दायित्वों का निर्वाह करने की शपथ दिलाई गई.

चुनौतियों का समाधान है संविधान

एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से संविधान दिवस के अवसर पर निराला आर्ट गैलरी में संगोष्ठी हुई. संगोष्ठी का शुभारंभ चीफ गेस्ट जस्टिस आरडी खरे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. एसोसिएशन के चेयरमैन अजीत भाष्कर ने एसोसिएशन के उद्देश्यों पर चर्चा की. सीएमपी डिग्री कॉलेज के विधि विभाग के एचओडी ओपी मिश्र ने कहा कि लोकतंत्र की सभी चुनौतियों का समाधान भारतीय संविधान के प्रस्तावना और विभिन्न प्रावधानों में निहित है. जरूरत ये है कि न्यायपालिका व नागरिक इसे संज्ञान में लें. अध्यक्षता इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के आधुनिक इतिहास विभाग के प्रो. डॉ. आलोक प्रसाद ने की. अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे. इस अवसर पर प्रो. गुरू ज्ञान सिंह, प्रो. मो. शाहिद, हाईकोर्ट के पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार मौर्य, पूर्व कोषाध्यक्ष राजीव शुक्ल, पूर्व राज्य सूचना आयुक्त ज्ञान प्रकाश मौर्य समेत वक्ता मौजूद रहे.