मांगलिक कार्य का कारक ग्रह मंगल ने मिथुन राशि से निकलकर योग कारक राशि कर्क में प्रवेश किया। भारतीय ज्योतिष में कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है।मांगलिक और मंगल का कर्क राशि में प्रवेश करना शिक्षकों और व्यापारियों के लिए शुभ है। यह 45 दिन का कालखण्ड धार्मिक कार्यों और व्यापारिक धारनाओं के लिए फायदेमंद है। भारतीय ज्योतिष में कर्क राशि में मंगल योग कारक है। एक ठण्डा एक गरम होने से मौसम में उमस अधिक होगी और राष्ट्रीय स्तर पर घटनाक्रम जन्म लेंगे। यह संयोग सीमा पर तनाव की वजह भी बनेगा किंतु भारत को तकनीकी सम्पन्नता के लिए यह 45 दिनों का संयोग लाभकारी है।
 
विभिन्न राशियों पर प्रभाव-

मेष- वरिष्ठ अधिकारियों के सबंधो में मधुरता आएगी।

वृष- स्थान पर्वितन और नौकरी में स्थानांतरण होगा।

मिथुन- राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी।

कर्क- जमीन जायदाद के मामले सुलझेंगे।

सिंह- करियर संबंधी लाभ होगी।

कन्या- घरेलू  विवादों से छुटकारा मिलेगा।

तुला- सट्टा और शेयर से जुड़े मामले सुलझेंगे।

वृश्चिक- व्यवसायिक लाभ होगा और यश में वृद्धि भी होगी।

धनु- नौकरी में पदोन्नति मिलेगी।

मकर- दुर्घटना और नुकसान होगा।

कुंभ- जमीन जायदाद का लाभ होगी।

मीन- रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे और जमीन जायदाद का लाभ होगा।

पूजा अर्चना करें
कर्क में मंगल का संयोग दुर्लभ है। इस संयोग का लाभ उठाने के लिए शिव की उपासना करें। हनुमान चालीसा का पाठ करना ठीक रहेगा व भैरव की उपासना भी लाभ दाई है। माता-पिता के चरणस्पर्श करके ही निकलना चाहिए। मंगल 8 अगस्त 2019 को 4:41 पर कर्क राशि पर रहेंगे।

पंडित दीपक पांडेय

Spiritual News inextlive from Spiritual News Desk