सबसे खुशहाल इंसान
दुनिया के इकलौते सबसे खुशहाल इंसान का नाम है मैथ्‍यु रिचर्डस जो फ्रांस में पैदा हुए हैं। मैथ्‍यु आखिरी बार 1991 में दुखी हुए थे। उनकी इसी खासियत से इंप्रेस हो कर अमेरिकन यूनिवर्सिटी ने इस खुशी का कारण जानने के लिए उन पर 12 साल तक रिसर्च किया है। इसके लिए उनके दिमाग में 256 सेंसर लगाए गए जिससे प्रूव हुआ कि वो वाकई खुश रहते हैं। इसके बाद यूनाइटेड नेशन ने अपनी हैप्पीनेस रिपोर्ट 2016 में मैथ्‍यु को धरती का सबसे खुशहाल इंसान घोषित किया। जिसने खुशी को अपनी आदत बना लिया है।

मिलिए दुनिया के सबसे खुशहाल शख्‍स से पिछले 15 साल से नहीं हुआ दुखी

उसी टीचर के लिए हुए आखिरी बार दुखी जिसने सिखाया खुश रहना
मैथ्यू कहना है कि पहले वो भी आम लोगों की तरह छोटी-छोटी बातों पर टेंशन में आ जाते थे। इसके बाद 1972 में  वो भारत में दार्जिलिंग आए। यहां उनकी मुलाकात एक टीचर डिलगो काईंटेस रिनपोछे से हुई, जिन्‍होंने मैथ्‍यु को हर हाल में खुश रहना सिखाया। धीरे-धीरे उन्‍होंने इसे आदत बना लिया। इसके बाद उन्‍होंने एक बौद्ध साधु बन कर दार्जिलिंग और नेपाल रहने का फैसला लिया। इन्‍हीं रिनपोछे की 1991 में मृत्‍यु हो गयी और वही आखिरी मौका था जब मैथ्‍यु आखिरी बार दुखी हुए थे।
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अमेरिकन यूनिवर्सिटी ने 12 साल की दिमाग पर रिसर्च
मैथ्यू के हमेशा खुश रहने के पीछे का क्या राज है, ये जानने के लिए अमेरिका की यूनिवर्सिटी विसकॉन्सिन के साइंटिस्ट ने उनके दिमाग पर 12 साल रिसर्च की। इस दौरान उनके सिर पर 256 सेंसर लगाकर बुरी से बुरी परिस्थितियों में दिमाग के अंदर क्या चल रहा है, वह कैसे काम कर रहा है, इसकी पूरी जांच करके रिपोर्ट तैयार की। इस रिसर्च में उनके अंदर एक गामा तरंग पाई गई। ये तरंग दुनिया में बहुत कम लोगों में डेवलप होती है। और ये हर परिस्‍थिति में खुशी के लेवल को बढ़ाने का कार्य करती है। मैथ्‍यु बताते हैं कि इस तरंग को उन्‍होंने खुद डेवलप किया था। मैथ्‍यु और जांच के अनुसार पता चला है कि दिमाग के अंदर के 4 केमिकल्स की मदद से इंसान को खुशी मिलती है। मैथ्‍यु बताते हैं कि इंसानी दिमाग में खुशी को लेकर एक खास सिस्टम होता है, जो हमारे दिमाग में माथे से सटे आगे के भाग और कान के ऊपर राइट हैंड पर खुशी पैदा करने वाला क्षेत्र होता है। उन्‍होंने खुशी पैदा करने वाले चार रसायनों के नाम भी बताये ये हैं डोपामाइन, ऑक्‍सीटॉसिन, सेरोटोनिन और एंड्रोफिन्‍स। यही अलग-अलग स्‍थिति में दिमाग में बने खुशी के क्षेत्र में अपनी मात्रा कम ज्‍यादा करके खुशी के स्‍तर को घटाते बढ़ाते रहते हैं।
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खुश  रहने के पांच व्‍यायाम
खुश रहेने के चार प्रमुख व्‍यायाम भी है जो मैथ्‍यु नियमानुसार करते हैं। नंबर एक 1 से 2 मिनट तक आंखें बड़ी करके देखना। नंबर दो हर घंटे में 10 सेकंड की काइंडनेस एक्सरसाइज, नंबर तीन इंसान अपने बच्चों, पत्‍नी या माता पिता में जिसे सबसे ज्यादा प्‍यार करता हो उसकी मुस्‍कराते हुए तस्‍वीर को एक मिनट तक लगातार देखे, नंबर चार पर्याप्‍त मात्रा में चॉकलेट या अखरोट खाएं और नंबर पांच मुंह खोलकर बड़ा सा स्‍माइल करना।
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