क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ भक्ति की शक्ति से भक्तों को सराबोर कर रहे शहर के पूजा पंडाल सुरक्षा के लिहाज से मानकों का अनुपालन नहीं कर रहे. रांची शहर में लगभग 120 छोटे-बड़े पूजा पंडाल हैं लेकिन बांधगाड़ी पूजा पंडाल को छोड़कर किसी ने भी फायर ब्रिगेड से एनओसी लेने की जहमत नहीं उठायी है. स्टेट फायर ऑफिसर रामकृष्ण ठाकुर ने बताया कि एक को छोड़कर रांची के किसी पूजा पंडाल ने उनसे फायर एनओसी नहीं लिया है. उन्होंने कहा सुरक्षा निर्देशों का अनुपालन कराने की शक्ति अग्निशमन विभाग को नहीं है. इसकी शक्ति जिला प्रशासन को है यही वजह है कि हम इस दिशा में बहुत कुछ कर नहीं पाते. हालांकि बिहार क्लब पूजा समिति के अध्यक्ष डॉ अजीत सहाय रिपोर्ट के बिन्दुओं से सहमत नहीं हैं. उन्होंने बताया कि बिहार क्लब पूजा पंडाल में अग्नि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम हैं. यहां फायर एक्सिटिंग्यूशर भी रखे गये हैं. वहीं बिहार क्लब के बेसमेंट में पानी का भी पूरा इंतजाम है.

जांच में पायी गयी खामियां

जब झारखंड अग्निशमन विभाग की ओर से 23 सितंबर को शहर के पूजा पंडालों का औचक निरीक्षण किया गया तो पाया गया कि संग्राम क्लब दुर्गा पूजा समिति के पंडाल का निर्माण नारियल के छिलके से किया गया है और इसमें पुआल का भी उपयोग है. यह ज्वलनशील है पर यहां सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं हैं. वहीं बिहार क्लब दुर्गा पूजा समिति में भी सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए हैं.

किस पंडाल में क्या है खामी

1-कोकर का पूजा पंडाल

कोकर दुर्गा पूजा समिति का पंडाल का निर्माण जूट के बैग से किया गया है. वहीं मेला भी लगाया गया है. मेले में झूले से सटे हुए बिजली के दो ट्रांसफर्मर लगाये गये हैं. इस पंडाल में किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गयी है.

2-चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति

चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति के प्रवेश द्वार की चौड़ाई और उंचाई मानक से कम है. इस पंडाल में भी फायर सेफ्टी के कोई इंतजाम नहीं हैं.

3-नेताजी नगर दुर्गा पूजा समिति कांटाटोली

नेताजी नगर दुर्गा पूजा समिति कांटाटोली के पंडाल में इंट्री और निकास के लिए एक ही द्वार है. यह अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत खतरनाक है.

4-चर्च रोड दुर्गा पूजा समिति

चर्च रोड दुर्गा पूजा समिति के पंडाल के अंदर से ही बिजली का मेन सर्विस वायर गुजरा है. यह बिल्कुल खुला है. यह पूरा पंडाल सिंथेटिक कपड़ों से निर्मित है. ऐसे में एक छोटी चिंगारी भी भयावह रुप ले सकती है.

5-विशाल क्लब मल्लाह टोली

यहां मुहल्ले में प्रवेश करनेवाली मुख्य सड़क पर ही पंडाल बनाया गया है. पंडाल के बगल से 440 वोल्ट और उपर से 11,000 वोल्ट की लाइन गुजरी है. यह स्थिति अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत खतरनाक है.

बांधगाड़ी का पूजा पंडाल मानक कर रहा पूरा

अग्निशमन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार एचबी रोड बांधगाड़ी का पूजा पंडाल शहर का एकमात्र पूजा पंडाल है जो सुरक्षा मानकों का अनुपालन करता है. यहां दो केजी क्षमता के चार सीओटू तथा चार किलो क्षमता के चार डीसीपी अग्निशामक यंत्र रखे गये हैं.

ये हैं पंडालों में खामियां

- अधिकांश पूजा पंडालों का निर्माण सिंथेटिक सामग्री या अत्यंत ज्वलनशील सामग्री से किया गया है.

- पूजा पंडालों में खुले बिजली के तार ले जाये गये हैं जबकि ये सील्ड होने चाहिए थे

- पूजा पंडालों में प्रवेश द्वार निर्माण में मानकों की अनदेखी की गयी है.

- किसी भी पंडाल में निकास शब्द का डिस्प्ले नहीं है जो मानकों के विपरीत है.