गाज गिरने का सिलसिला तेज
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LUCKNOW : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में निर्माणाधीन पुल की बीम गिरने से 18 लोगों की मौत के मामले में जिम्मेदार अफसरों पर गाज गिरने का सिलसिला जारी है। राज्य सरकार ने घटना के बाद चार इंजीनियरों को निलंबित करने के बाद गुरुवार को बड़ा फैसला लेते हुए सेतु निगम के एमडी राजन मित्तल को हटा दिया। उनके स्थान पर पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर जेके श्रीवास्तव को सेतु निगम का एमडी बनाया गया है। यह जानकारी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने ट्वीट के जरिए दी। फिलहाल राजन मित्तल से उप्र राजकीय निर्माण निगम के एमडी के पद का कार्यभार वापस नहीं लिया गया है।

आंधी-तूफान से खिसकी बीम
ध्यान रहे कि हादसे के बाद राजन मित्तल ने घटनास्थल का मौका-मुआयना करने के बाद हास्यास्पद बयान दिया था कि दो दिन पहले आए आंधी-तूफान की वजह से सैंकड़ों टन वजन वाली बीम खिसक गयी थी जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। उन्होंने पुलिस की डिजाइन और निर्माण सामग्री को लेकर पहले ही क्लीन चिट देकर अपने मातहतों को बचाने का प्रयास भी किया। सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार को उनके इस बयान को गंभीरता से लेते हुए उन्हें हटाने का निर्णय ले लिया।

पहले भी विवादों में घिरे रहे हैं राजन मित्तल
ध्यान रहे कि राजन मित्तल पहले भी विवादों में घिरे रहे हैं। ध्यान रहे कि वाराणसी हादसे के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों का जायजा लेने भेजा था। डिप्टी सीएम ने प्रथमदृष्टया दोषी पाए गये मुख्य परियोजना प्रबंधक एचसी तिवारी, परियोजना प्रबंधक केआर सूदन, सहायक अभियंता राजेश सिंह और अवर अभियंता लाल चंद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। साथ ही चार सदस्यीय जांच समिति भी गठित की थी जो अपनी रिपोर्ट 15 दिन में देगी। वहीं मुख्यमंत्री ने भी तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर उससे 48 घंटों में रिपोर्ट मांगी थी।

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