अहमदाबाद (पीटीआर्इ )। हार्दिक पटेल पाटीदारों को आरक्षण और किसानों की कर्ज माफी को लेकर शहर के बाहर बने अपने घर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। 25 अगस्त से उनका ये आमरण अनशन जारी है। एेसे में कल उनसे नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर मुलाकात करने पहुंची लेकिन निराश होकर लौटना पड़ा। हार्दिक के समर्थकों ने किसान विरोधी बताते हुए उन्हेंं नहीं मिलने दिया।

मेधा को यहां आने की कोर्इ जरूरत नहीं
पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पास) के संयोजक गीता पटेल ने कहा कि हर कोर्इ जानता है कि पाटकर गुजरात आैर नर्मदा बांध की सबसे बड़ी विरोधी रही हैं।मेधा पाटकर की वजह से ही कई सालों तक खेती के लिए पानी नहीं मिल पाया। एेसे में उन्हें यहां आने की कोर्इ जरूरत नही है। वहीं हार्दिक से बिना मुलाकात किए लौटी मेधापाटकर ने मीडिया से कहा यह गुजरात में लोगों को गलतफहमी है। हम किसान विरोधी नही हैं।

किसानों के समर्थन में आवाज उठा रहे
एेसे में साफ है कि आज भी लोगों को नर्मदा बांध मुद्दे के बारे में सही मामला नहीं पता है। उन्हें नहीं मालूम है कि हम किसानों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। हजारों पाटीदार किसान हमारे साथ लड़ रहे हैं क्योंकि उन्हें पूर्ण पुनर्वास पैकेज नहीं मिले हैं। मेधा ने यह भी बताया कि मुझे नहीं लगता मेरे यहां आने का विरोध होगा क्योंकि आने से पहले मैंने कल फोन पर हार्दिक से बात भी की थी। उस समय उन्हें मिलने में कोई दिक्कत नहीं थी।

अब भाजपा में ऐसा करने का दम नहीं
बता दें कि शुक्रवार को हार्दिक ने एेलान किया था कि वह अब पानी भी नहीं पिएंगे। हालांकि एक धार्मिक नेता ने उन्हें कल थोड़ा सा पानी पिलाया है। वहीं गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा भी कल हार्दिक से मिलने पहुंचे। उन्होंने गुजरात की तारीफ करते हुए कहा कि यह महात्मा गांधी और सरदार पटेल की भूमि है। ब्रिटिश सरकार ने भी कभी लोगों की आवाज नहीं दबाई, तो अब भाजपा में ऐसा करने का दम नहीं है।

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