- 20 से 25 लाख खर्च विदेशों में हार्ट सर्जरी का

- 2 से 3 लाख खर्च यूपी में हार्ट सर्जरी का

-पड़ोसी, गल्फ व अफ्रीकन कंट्रीज के मरीजों को यूपी के लिए आकर्षित करने की योजना

-विश्वस्तरीय इलाज से बढ़ेगा यूपी का मान और आय

sunil.yadav@inext.co.in

LUCKNOW: उत्तर प्रदेश सरकार मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही नई पॉलिसी लाएगी. नई पॉलिसी के आने से विदेशी मरीजों को यूपी में बेहतर और बहुत सस्ती दरों पर विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी. इससे यूपी के अस्पतालों में आने वाले विदेशी मरीजों से यूपी का मान और आय बढ़ेगी.

यूपी में असीम संभावनाएं

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म के लिए असीम संभावनाएं हैं. लखनऊ में संजय गांधी पीजीआई, लोहिया इंस्टीट्यूट, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, नोएडा के कई इंस्टीट्यूट, सैफई स्थित यूपी मेडिकल यूनिवर्सिटी सहित अन्य संस्थानों में विश्व स्तरीय सेवाएं उपलब्ध हैं. यहां पर इलाज का खर्च पश्चिमी देशों की अपेक्षा बहुत कम है.

मिलेंगी सस्ती सेवाएं

हार्ट की जो सर्जरी यहां पर दो से तीन लाख रुपए में हो जाती है उसके लिए विदेशों में 20 से 25 लाख का खर्च आता है. ऐसे में सरकार का मानना है कि यूपी में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाए. इससे सरकार की भी आय बढ़ेगी और दूसरे देशों के मरीजों को बेहतर और सस्ती सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी.

पहले से आ रहे हैं मरीज

केजीएमयू, पीजीआई सहित नोएडा के कई अस्पतालों में पहले से ही विदेशों से बहुत मरीज आते हैं और यहां की सस्ती सेवा का लाभ उठाते हैं. संजय गांधी पीजीआई में बच्चों की हार्ट सर्जरी के लिए विदेशों से बहुत से मरीज आते हैं. केजीएमयू के पीडियाट्रिक सर्जरी में भी बहुत मरीज आते हैं. ऐसे ही बहुत से अन्य विभागों में विदेशी मरीजों की संख्या काफी अधिक है. सरकार अब इन संस्थानों में फॉरेन करेंसी के आधार पर विदेशी मरीजों के लिए अलग रेट्स रखेगी. जो विदेशों के मुकाबले बहुत कम होंगे. इससे प्रदेश की आय में भी बढ़ोत्तरी होगी.

ये देश हैं टारगेट पर

नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान सहित अन्य सीमावर्ती देश, गल्फ और अफ्रीकी देश.

अस्पतालों को दिलाएंगे सर्टिफिकेट

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नेशनल हेल्थ मिशन यूपी के एमडी पंकज कुमार की अध्यक्षता वाली कमेटी को पॉलिसी तैयार करने की जिम्मेदारी मिली है. स्वास्थ्य विभाग ने सभी मेडिकल कॉलेजों व अस्पतालों से उनके यहां पर उपलब्ध सेवाओं की रिपोर्ट मांगी है. अधिकारी प्रयास में हैं कि पॉलिसी के तहत यूपी के बड़े चिकित्सा संस्थानों को डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुसार सर्टिफिकेट दिलाया जाए. इससे यह ग्लोबल मैप पर आएंगे और विदेशी मरीज यूपी में इलाज के लिए आकर्षित होंगे. सस्ती कीमतों और विश्व स्तरीय सुविधा के साथ यहां पर मरीज अधिक आएंगे. इससे प्रदेश का नाम भी होगा और फॉरेन करेंसी भी मिलेगी.

धार्मिक पर्यटन को भी लाएंगे साथ

अधिकारियों के मुताबिक आगरा, बनारस, गोरखपुर, अयोध्या, मथुरा में आने वाले पर्यटकों को भी इस योजना से जोड़ने के प्रयास चल रहे हैं. ताकि वह लोग इन स्थानों पर घूमने आएं तो आयुर्वेद, होम्योपैथी व अन्य विधाओं की आयुष की दवाएं साथ ले जाएं. यह फॉरेनर्स को बहुत अट्रैक्ट करेगा जिससे यूपी और टूरिस्ट्स दोनों को फायदा होगा.

कोट-

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी बनाई जा रही है. इस पर अभी काम किया जा रहा है.

डॉ. नीरज शुक्ला, विशेष सचिव स्वास्थ्य