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PATNA : पीएमसीएच में करोड़ों रुपये के दवा घोटाले में विजिलेंस के विशेष न्यायाधीश मधुकर कुमार ने 15 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप गठित कर दिए। विजिलेंस कोर्ट ने 31 मई को गवाह प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अस्पताल के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. रंजन कुमार सिंह, डॉ. ओम प्रकाश चौधरी और डॉ. गणेश प्रसाद, नेफ्रोलॉजी विभाग के तत्कालीन विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार सिंह, मेडिकल स्टोर के तत्कालीन प्रभारी शिवेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर विकास शिरोमणि, डॉ. अशोक कुमार यादव, तत्कालीन कार्यालय अधीक्षक विष्णुदेव प्रसाद और आनन्द बिहारी, मशीन खरीदारी में तत्कालीन क्लर्क विष्णुधारी ठाकुर, विजय नारायण राय, सुनील कुमार गुप्ता और राज कुमार के खिलाफ आरोप गठित किया गया है।

कैसे हुआ मामला उजागर
घोटाला की भनक तब लगी जब शिकायत विजिलेंस के पास पहुंचने लगी। 2013 में पटना उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई जिसमें दवा घोटाला की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की जरूरत बताई गई। पटना उच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई के बाद 5 अगस्त 2014 को जांच विजिलेंस को सौंप दी। विजिलेंस ने जांच के बाद मामले में 27 फरवरी 2015 को आरोप पत्र दायर कर दिया।

कब और कितने का घोटाला
घोटाला वित्तीय वर्ष 2008-2009 और 2009-2010 में हुआ। आरोपितों ने दवा, मेडिकल उपकरण, औजार, रसायन आदि की खरीदारी की गई थी। घोटाला 12 करोड़ 63 लाख 62 हजार 970 रुपये का है। आरोपितों ने नियम व कानून का ताक पर रख कर चहेती कंपनियों से सभी सामानों की खरीदारी की। बाजार भाव से अधिक मूल्य पर सामग्रियों की खरीदारी की गई।

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