-आयुष्मान भारत योजना समेत कई प्राइवेट मेडिकल इंश्योरेंस कंपनियों के मेडिक्लेम के तहत भी हो सकेगा इलाज

-मेडिक्लेम की शर्ताें को पूरा करने के लिए एनएबीएच सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया हुई शुरू ,आम मरीजों को भी होगा फायदा

kanpur@inext.co.in

KANPUR: मेडिकल इंश्योरेंस के दौर में जब ज्यादातर अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा है वहीं सरकारी अस्पताल इस सुविधा से महरूम थे, लेकिन अब आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकारी अस्पतालों को भी अपग्रेड कर उनमें मेडिक्लेम की सुविधा दी जाएगी. जिसकी शुरुआत एलएलआर हॉस्पिटल से होगी. मेडिक्लेम लेने के लिए एलएलआर को कई शर्तो को भी पूरा करना होगा. जिसमें एनएबीएच सर्टिफिकेशन एक अहम शर्त है. नेशनल एक्रीडेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल के स्टैंड‌र्ड्स को पूरा करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है. सर्टिफिकेशन के लिए जरूरी फीस भी जमा कर दी गई है. एक बार एनएबीएच की टीम हॉस्पिटल का निरीक्षण कर चुकी है. खास बात यह है कि न सिर्फ आयुष्मान भारत योजना बल्कि दूसरी कंपनियों के मेडिकल इंश्योरेंस के तहत भी पेशेंट्स को मेडिक्लेम मिल सकेगा. वहीं कुछ दिन पहले ही सरकार की ओर से सरकारी अस्पताल में इस योजना के तहत इलाज करने वाले डॉक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ को भी इंसेटिव देने की घोषणा की गई है.

100 बीमारियों के लिए सरकारी इलाज

दरअसल आयुष्मान भारत योजना के तहत 100 तरह की बीमारियों के लिए योजना के लाभार्थियों को सरकारी अस्पताल में इलाज कराना पड़ेगा. इसमें कई माइनर सर्जरी, प्रसव भी शामिल किया गया है. इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में मेडिक्लेम से इलाज के लिए एक शर्त जोड़ी है जिसमें सरकारी अस्पताल के लिए एनएबीएच का सर्टिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है.

खामियों को दूर कर रहे

आयुष्मान भारत योजना के तहत एलएलआर हॉस्पिटल को एनएबीएच सर्टिफिकेशन दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम इस बाबत अस्पताल का निरीक्षण भी कर चुकी है. इसी के तहत कई सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी काम किया जा रहा है. सर्टिफिकेशन मिलने के बाद आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों को एलएलआर हॉस्पिटल में भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने लगेगी.

अभी इन कमियों को सुधारना होगा-

- हॉस्पिटल में खाली पड़े पैरामेडिकल स्टाफ के पद भरने होंगे

- हाउसकीपिंग, लॉड्री, सीएसएसडी को मार्डनाइज करना पड़ेगा

- ऑपरेशन थियेटर व आईसीयू की स्थिति सही करनी होगी

- ई हॉस्पिटल की सुविधा, जिससे पेपर वर्क कम हो जाएगा

- सुपरस्पेशिएलिटी ट्रीटमेंट को स्पेसिफाई करना होगा

-------------------

इनसे मिलेगा फायदा-

नए न्यूरो साइंस सेंटर से, नई मेटरनिटी विंग से, नई बर्न यूनिट के निर्माण से, नई ब्लड बैंक बिल्डिंग से, एनआईसीयू से, मल्टी सुपरस्पेशिएलिटी कॉम्प्लेक्स से, लेवल-2 के ट्रॉमा सेंटर निर्माण से

वर्जन-

हॉस्पिटल को एनएबीएच सर्टिफिकेशन दिलाने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. आयुष्मान भारत योजना के शर्तो को पूरा करने के लिए यह किया जा रहा है. इसका फायदा आम मरीजों को भी मिलेगा. क्योंकि कई सुविधाएं बेहतर हो जाएंगी.

- डॉ.आरके मौर्या, एसआईसी, एलएलआर एंड एसोसिएटेड हॉस्पिटल्स