कानपुर। इंडियन एयर फोर्स के बेहतरीन स्क्वाड्रन पैच बनाने वाला कोई और नहीं बल्कि पॉलिटिकल साइंस ग्रेजुएट  21 वर्षीय सौरव चोरडिया है। साैरव नई दिल्ली में एक ग्राफिक डिजाइनर के रूप में काम करता है। खास बात तो यह है कि साैरव ने महज 18 साल की उम्र से डिजाइनिंग शुरू कर दी थी। मिड डे की एक रिपाेर्ट के मुताबिक ये पैच फरवरी 2019 में इंडियन एयर फोर्स और पाकिस्तान के बीच लड़ी गई हवाई लड़ाई की याद दिलाते हैं।

फाॅल्कन स्लेयर्स का मतलब

फाॅल्कन स्लेयर्स अमेरिका निर्मित पाकिस्तानी फाइटर प्लेन F-16 विमान मार गिराने के लिए 51वीं स्क्वाॅड्रन को यह नाम सम्मान स्वरूप दिया गया है। F-16 को फाइटर फाॅल्कन के नाम से भी जानते हैं। अब 'फाॅल्कन स्लेयर्स' पैच सम्मानित स्वाॅड्रन के फाइटर पाइलट अपनी वर्दी पर लगाएंगे। इस पैच पर मिग-21 बनाया गया है। विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान इसी के स्क्वाड्रन के थे। हालांकि अब अभिनंदन राजस्थान की एक अन्य मिग 21-बाइसन स्क्वाड्रन में भेज दिए गए हैं।

'एमराम डॉजर'  का मतलब

सौरव ने एक और पैच 'एमराम डॉजर' भी डिजाइन किया है। एमराम हवा से हवा में मार करने वाली अमेरिका निर्मित एक मिसाइल का नाम है। पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों के साथ डाॅग फाइट के दौरान भारतीय वायुसेना लड़ाकू विमानों को निशाना बनाकर पाकिस्तानी वायुसेना की एफ-16 विमानों ने एमराम मिसाइलें दागीं थीं। इन मिसाइलों को चकमा देकर भारतीय लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई आसानी से बच निकले। घातक मिसाइल एमराम से विमान का बचाव करने वाले फाइटर पाइलट अब सम्मान स्वरूप 'एमराम डाॅजर' पैच अपनी वर्दी पर पहनेंगे।

पर्सनल फंड से 20,000 रुपये स्टाइपेंड मिला
सौरव एक कपड़ा व्यापारी का बेटा और असम के बसुगांव का रहने वाला है। साैरव को 3 डी कला में इंटरेस्ट उसके भाई को सरकार की ओर से  कंप्यूटर मिलने के बाद जगा था। साैरव ने बताया कि इंडियन एयर फोर्स के मोबाइल गेम के डेवलपर्स गार्जियंस ऑफ द स्काईज' ने इंटर्नशिप करने के लिए उसे बुलाया। हाल ही में साैरव से आईएएफ स्क्वाड्रनों द्वारा पैच डिजाइन करने के लिए संपर्क किया गया। वह तो मुफ्त में भी पैच डिजाइन करने के लिए तैयार था लेकिन उसे पर्सनल फंड से 20,000 रुपये का स्टाइपेंड मिला है। साैरव अब तक तेजस स्क्वाड्रन, सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम और अन्य लोगों के लिए भी पैच बना चुके हैं।
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IAF साैरव के काम की खूब तारीफ करती है

साैरव का कहना है कि यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान था जब मुझे 45 स्क्वाड्रन ('द फ्लाइंग डैगर्स') के लिए स्क्वाड्रन पैच बनाने के लिए कहा गया था जो तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट को उड़ाने वाला पहला IAF स्क्वाड्रन था। इंडियन एयर फोर्स भी इस युवा डिजाइनर के काम की बहुत सराहना करती है।  इस संबंध में आईएएएफ के प्रवक्ता ग्रुप कैप्टन अनुपम बनर्जी का कहना है कि यह पैच पहनने पर पायलट को उपलब्धि हासिल करने जैसा एहसास होता है।

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