- मानव रचना और दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की देखरेख में 'मास्टर की टू करियर' में स्टूडेंट्स ने बढ़चढ़ कर लिया हिस्सा

- एक्सप‌र्ट्स से मिली जानकारी के बाद स्टूडेंट्स हुए खुश

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LUCKNOW: स्टूडेंट्स को अब अपनी मंजिल नजर आने लगी है. उन्हें उस खजाने की चाभी हाथ लगी है, जिसकी तलाश में वह कभी पैरेंट्स तो कभी स्कूल टीचर्स से जानकारी करते थे. जिस मंजिल की तलाश में वह भटक रहे थे, एक्सप‌र्ट्स ने न केवल वहां तक पहुंचने का रास्ता बताया बल्कि उनके सपने को साकार करने वाले रोड मैप के बारे में भी बताया. स्टूडेंट्स को उनके करियर की बुलंदियों तक पहुंचाने के टिप्स गुरुवार को गन्ना संस्थान में मानव रचना प्रेजेंट्स दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की ओर से आयोजित 'मास्टर की टू करियर' में एक्सप‌र्ट्स ने दिये. इस दौरान विभिन्न कॉलेजों के स्टूडेंट्स ने अपनी मन में उठने वाली जिज्ञासाओं को भी एक्सप‌र्ट्स से पूछा. वहीं एक्सपर्ट ने सवालों के जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया.

दीप जलाकर शुभारम्भ

कार्यक्रम की शुरुआत कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह, मानव रचना यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर आईटी और पूर्व ब्रिगेडियर एसएन सेतिया ने दीप जलाकर किया. इस दौरान दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की डिप्टी एडिटर शर्मिष्ठा शर्मा, दैनिक जागरण आई नेक्स्ट लखनऊ के संपादकीय प्रभारी धर्मेद्र सिंह, बालाजी इंस्टीट्यूट के फाउंडर डायरेक्टर अजय दुबे भी मौजूद रहे.

दस साल यूनिवर्सिटी में पढ़ाया है

राज्यमंत्री स्वाति सिंह ने कहा कि मैंने दस साल लखनऊ यूनिवर्सिटी में पढ़ाया है. इसके चलते जब मुझे यहां आपके करियर के बारे में सुझाव देने के लिए बुलाया गया तो मुझे बेहद खुशी हुई. उन्होंने कहा कि छात्रों को अपना विजन क्लीयर रखना चाहिए. फिर उस क्षेत्र की जानकारी करनी चाहिए जिसमें वह करियर बनाना चाहते हैं. एमबीए करने वाले स्टूडेंट्स को बताया कि इससे सिर्फ नौकरी ही हासिल नहीं होती बल्कि वह खुद का बिजनेस भी कर सकते हैं. साथ ही लोगों को जॉब उपलब्ध करा सकते हैं. उन्होंने बताया कि पीएम नरेन्द्र मोदी ने कई योजनाएं शुरू की हैं. जिसका आपको फायदा उठाना चाहिए. इसके बाद दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की डिप्टी एडिटर शर्मिष्ठा शर्मा ने कहा कि एमबीए स्टूडेंट्स के लिए मौकों की कमी नहीं है. बस वहां तक कैसे पहुंचना है, यह तय करना स्टूडेंट्स का काम है.

स्मार्ट वर्किंग से मिलेगी कामयाबी

मोटीवेशनल स्पीकर अरुणेंद्र सोनी ने बताया कि किसी भी मंजिल को पाने के लिए वर्किंग नहीं अब स्मार्ट वर्किंग की जरूरत है. आने वाले दिनों में कई जॉब्स खत्म हो जाएंगी. ऐसे में छात्रों को यह देखना होगा कि कौन सा सेक्टर ऐसा है जिसमें मौके आ रहे हैं. एमबीए में अपार अवसर हैं, लेकिन जरूरत है कि आप खुद को उस काबिल बनाएं.

ढेरों पद हैं खाली

मानव रचना यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर आईटी पूर्व ब्रिगेडियर एसएन सेतिया ने बताया कि एमबीए सेक्टर में कई बड़ी इंडस्ट्री में पद खाली हैं. ऐसा नहीं है कि लोग नहीं है, लेकिन उस पद पर बैठने के योग्य आवेदक नहीं हैं. स्टूडेंट्स में कामयाबी की वह ललक होनी चाहिए तभी वह अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं. उन्होंने कहा कि लाइन के एक तरफ वह लोग हैं जो 'चलता है' की प्रवृत्ति के अनुसार काम करते हैं. वहीं दूसरी तरफ वह लोग हैं जो अपनी प्रवृत्ति के अनुसार कार्य करते हैं और मनचाहा मुकाम हासिल करते हैं. अब इसका चुनाव स्टूडेंट्स को करना होगा कि वह लाइन के किस तरफ रहना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी स्टूडेंट के लिए कोई काम मुश्किल नहीं है, बस उसके लिए आत्मविश्वास होना चाहिए.

एग्जाम में शामिल न होने वाले सफल नहीं होंगे

बालाजी कोचिंग के फाउंडर डायरेक्टर अजय दुबे ने बताया कि कोई भी मुकाम पाना है तो पहले एक सच्चा और अच्छा इंसान बनें. जिस फील्ड में आप मुकाम पाना चाहते हैं, उसके लिए एक्स्ट्रा एफर्ट करना पड़ता है. फेल होने वाले स्टूडेंट्स को यह सोचना चाहिए कि इस बार नहीं तो अगली बार पेपर क्लीयर हो जाएगा, लेकिन वह फेल होने के डर से एग्जाम में शामिल ही नहीं होते. ऐसे लोग कभी सफल नहीं हो सकते. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के एक भाई व एक बहन को फ्री एडमीशन दिया जाएगा. इसके लिए वह अपना रजिस्ट्रेशन 30 अप्रैल तक अवश्य करा लें.

कोट

चलता है वाले एटीट्यूट से सफलता नहीं मिल सकती. इसके लिए दृढ़ निश्चय और संकल्प लेना होता है. तभी कामयाबी मिल पाती है.

पूर्व ब्रिगेडियर एसएन सेतिया

डायरेक्टर आईटी, मानव रचना यूनिवर्सिटी

कोट

अब स्मार्ट वर्किंग का जमाना है. वहीं इस मार्केट में टिक सकेंगे. सभी सेक्‌र्ट्स में बदलाव हो रहे हैं, लोगों को इसकी जानकारी कर खुद को अपडेट रखना चाहिए.

अरुणेन्द्र सोनी

मोटीवेशनल स्पीकर

स्टूडेंट्स अपने करियर को लेकर बेहद सजग हैं. इंटरनेट के इस दौर में उन्हें पता है कि अपनी मंजिल तक वह कैसे पहुंचेंगे. जरूरत है बस फोकस होने की.

अजय दुबे

फाउंडर डायरेक्टर

बालाजी कोचिंग

बाक्स

मंडी परिषद में मैंने इंटर्नशिप शुरू की है. यदि कोई स्टूडेंट वहां पर इंटर्नशिप के लिए आवेदन करता है और इसमें आगे करियर बनाना चाहता है तो वह हमारे यहां आवेदन कर सकता है. मेरी कोशिश है कि अन्य सरकारी विभागों में भी इसकी शुरुआत हो. इससे जहां स्टूडेंट्स को करियर बनाने में हेल्प मिलेगी वहीं सरकार का काम भी आसान होगा.

स्वाति सिंह

कृषि निर्यात राज्यमंत्री, स्वतंत्र प्रभार

बाक्स

इंजीनियर बनाना चाहते थे पैरेंट्स

मंत्री स्वाति सिंह ने बताया कि पहले तो हम लोगों को पता नहीं होता था कि किस फील्ड में करियर बनाना है. मेरे पैरेंट्स मुझे इंजीनियर बनाना चाहते थे और मैं कारपोरेट में जॉब करना चाहती थी. ऐसे में मैंने जब बीकॉम में एडमिशन लिया तो मेरे लिए फ‌र्स्ट ईयर पास करना आसान नहीं था. ऐसा लगा कि मेरा डिसीजन गलत हो गया, लेकिन उसके बाद पढ़ाई की और एलयू में फाइनेंस जैसे सब्जेक्ट को दस साल पढ़ाया. शुरुआत में जॉब में मन नहीं लगा, लेकिन बाद में अपने कार्य को इंज्वॉय करने लगी.