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लखनऊ।इंटर की टॉपर

नाम: राधिका चंद्रा
स्कूल: सीएमएस महानगर
परसेंट: 99.5 प्रतिशत
रैंक : इंडिया में फर्स्‍ट

राधिका ने बताया कि मेरे माता-पिता डॉक्टर हैं। मैं भी उनकी तरह डॉक्टर बन लोगों की सेवा करना चाहती हूं। अपनी कामयाबी का श्रेय उन्होंने अपने पैरेंट्स और टीचर्स को दिया। उन्होंने बताया कि वह दिन में 15 से 16 घंटे रोज स्टडी करती थी। स्कूल बंद भी हो तो भी वह अपनी तैयारी करती थी। उन्होंने बताया कि वह सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर हैं। फेसबुक और व्हाट्सएप तो छोडि़ए अभी तक उन्होंने स्मार्ट फोन से भी दूरी बना रखी है।

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नाम: समन वहीद
स्कूल: सीएमएस महानगर
परसेंट: 99.50 प्रतिशत
रैंक: इंडिया में फर्स्‍ट

आईएएस बनना है सपना
पीसीएम और कंप्यूटर के साथ कामयाबी का यह मुकाम हासिल करने वाले समन वहीद ने बताया कि वह स्कूल के अलावा पांच से छह घंटे सेल्फ स्टडी करती हैं। अपनी कामयाबी का श्रेय अपने पैरेंट्स और टीचर्स को देने वाली समन ने बताया कि वह आईएएस बनना चाहती हैं। समन ने बताया कि उनके पिता वहीद्दुदीन मेट्रो में सिविल इंजीनियर हैं। उनकी दो बहने हैं। समन को पढऩे का ही शौक है और वह इसे आगे भी जारी रखेंगी।
 

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नाम : साक्षी प्रद्युम्न
स्कूल: सीएमएस कानपुर रोड
परसेंट: 99.50 प्रतिशत
रैंक: इंडिया में फर्स्‍ट

पापा की तरह बनूंगी इंजीनियर
साक्षी ने बताया कि पढ़ाई घंटो के अनुसार नहीं होती है। जब आपका मन हो तब पढ़ाई करिए। लेकिन जब पढ़ाई करे तो पूरा ध्यान केंद्रित कर पढ़ाई करें। उन्होंने बताया कि मेरे पिता डॉ. लक्ष्मी रमन रेलवे में इंजीनियर हैं। उन्होंने बताया कि मैं भी इंजीनियर बनना चाहता हूं। कम्प्यूटर साइंस मेरा फेवरेट सब्जेक्ट है। उन्होंने कहा कि इस कामयाबी के लिए पैरेंट्स के साथ टीचर्स का भी योगदान रहा है।
 
नाम - संजीवनी हाजरा
स्कूल- सीएमएस कानपुर रोड
परसेंट -99.25 प्रतिशत
रैंक- इंडिया में सेकेंड

पढ़ाई के लिए एक्स्ट्रा एफर्ट नहीं
पीसीएम गु्रप की स्टूडेंट संजीवनी हाजरा ने बताया कि उन्होंने अभी भविष्य के बारे में नहीं सोचा है। उन्होंने बताया कि मेरे पिता एसजीपीजीआई में प्रोफेसर हैं। मुझे पेंटिंग और म्यूजिक का खासा शौक है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के लिए मैने कोई एक्स्ट्रा एफर्ट नहीं की। सामान्य पढ़ाई ही की। रिवीजन करती रही अपने कोर्स का और यह सफलता मिली।

नाम- मानसी आचार्य
स्कूल- सीएमएस गोमती नगर
परसेंट- 99.25 प्रतिशत
रैंक- इंडिया में सेकेंड

लेक्चरर बन बच्चों को पढ़ाऊंगी
मानसी आचार्य ने बताया कि मैंने तीन विषयों में मुझे सौ में सौ प्रतिशत माक्र्स मिले हैं। उन्होंने बताया कि मेरे पिता अंजनि आचार्य आईएफएस हैं जबकि मां अंजू हाउस वाइफ हैं। उन्होंने बताया कि मैं इकोनामिक्स की फील्ड में जाना चाहती हूं और कहीं लेक्चरर बन कर बच्चों को पढ़ाना चाहती हूं।

नाम: आशुतोष सिंघल
स्कूल: सीएमएस गोमती नगर
परसेंट: 99 प्रतिशत
रैंक:  इंडिया में थर्ड

नहीं ली कोई टेंशन
समय सारिणी तैयार की और उसकी अनुसार ही पढ़ाई की। यह कहना है आशुतोष सिंघल का। उन्होंने कहा कि मैं इंजीनियर बनना चाहता हूं। पढ़ाई के बारे में उन्होंने बताया कि मैंने पिछले साल के पेपर्स भी देखे थे, लेकिन मेरे ऊपर किसी तरह का दबाव नहीं था। उन्होंने बताया कि अभी तो सोशल वर्क एक्टीविटी के बारे में नहीं सोचा है, लेकिन मौका मिला तो पीछे भी नहीं रहूंगा।

नाम- इब्राहिम कमाल
स्कूल- सीएमएस महानगर
परसेंट- 99 प्रतिशत
रैंक-इंडिया में थर्ड

शुरू करूंगा अपना स्टार्टअप
इब्राहिम ने बताया कि मैथ्स, इंग्लिश और कॉमर्स में शानदार माक्र्स मिले हैं। स्कूल में टीचर्स जो भी पढ़ाते थे, बस घर में आकर उसका अध्ययन कर लेता था। उन्होंने कहा कि मेरी तमन्ना कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने की है। भविष्य में मैं खुद का कोई स्टार्ट अप शुरू करना चाहता हूं। उन्होंने बताया कि मेरे पिता मो। करमे का रियल इस्टेट का कारोबार करते हैं।
 
नाम- सौम्य शिखर मिश्रा
स्कूल- सीएमएस कानपुर रोड
परसेंट- 99 प्रतिशत  
रैंक-इंडिया में थर्ड
आईएएस की करूंगा तैयारी

केमिस्ट्री और मैथ्स में सौ-सौ नम्बर हासिल करने वाले सौम्य शिखर ने बताया कि उन्होंने प्लान कर के पढ़ाई की। जेई मेन्स क्वालीफाई कर चुके सौम्य ने बताया कि वह पहले आईआईटी करेंगे और उसके बाद आईएएस की तैयारी करेंगे।
 
नाम- उत्कर्ष निगम
स्कूल- सीएमएस कानपुर रोड
परसेंट- 99 प्रतिशत
रैंक-इंडिया में थर्ड

कंप्यूटर फील्ड में करना है काम
उत्कर्ष निगम ने बताया कि सोशल मीडिया का प्रयोग करने से आपकी पढ़ाई नहीं बाधित होती। मै सोशल मीडिया का प्रयोग करता हूं। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर साइंस मेरा फेवरेट सब्जेक्ट है और इसी में अपना करियर बनाना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि सेल्फ स्टडी कर ही मैंने यह कामयाबी हासिल की है।

नाम- भाग्य श्री
स्कूल- सीएमएस चौक
परसेंट -99 प्रतिशत
रैंक-इंडिया में थर्ड
आईएएस बनना है सपना
कॉमर्स और फिजिकल एजूकेशन में सौ-सौ माक्र्स हासिल करने वाली भाग्यश्री ने बताया कि वह आईएएस बनना चाहती हैं। फिलहाल वह दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिला ले लिया है और इकोनामिक्स से बीए कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मेरे पिता अनिल रस्तोगी रियर इस्टेट कारोबार से जुड़े हैं। अपनी कामयाबी का श्रेय उन्होंने पैरेंट्स और टीचर्स को दोनों को दिया। उन्होंनें कहा कि पढ़ाई के लिए रिवीजन जरूरी है।
 
नाम- श्रेष्ठा गुप्ता
स्कूल- सीएमएस आरडीएसओ
परसेंट -99 प्रतिशत
रैंक-इंडिया में थर्ड

पापा की तरह बनना है इंजीनियर
श्रेष्ठा ने बताया कि उनके पिता इंजीनियर हैं। वह भी इंजीनियर बनना चाहती हैं। कंप्यूटर साइंस मेरा सब्जेक्ट हैं। पीसीएम और कंप्यूटर कोर्स लेकर कामयाबी हासिल करने वाली श्रेष्ठा ने बताया कि यहां तक पहुंचने के लिए खासी मेहनत की। लेकिन पढ़ाई के लिए कोई शेड्यूल नहीं बनाया। स्कूल में जो भी पढ़ाया जाता, बस उसका रिवीजन कर लेती थी।
 
हाई स्कूल टॉपर्स  
नाम : मिमांशा रंजन
स्कूल : सीएमएस अलीगंज
परसेंट : 98.20
रैंक : यूपी में तीसरी व देश में सातवीं
 
मेडिकल फील्ड में जाऊंगी
स्कूल में होने वाले प्री टेस्ट को मैंने गंभीरता से लिया और मेहनत का नतीजा है कि मुझे इतने अच्छे माक्र्स मिले। इसके अलावा मैंने परीक्षा पैटर्न की जानकारी हासिल की और उसके हिसाब से पढ़ाई की। सफलता के लिए सेल्फ स्टडी बहुत जरूरी है। मिमांशा ने बताया कि मेरा लक्ष्य मेडिकल के क्षेत्र में करियर बनाना है।

नाम - कोमल हसवानी
स्कूल- सीएमएस आरडीएसओ
परसेंट- 98.20
रैंक - यूपी में तीसरी व देश में सातवीं

मेरा सपना आईएएस बनना
मेरा सपना आईएएस बनना है और उसके लिए अभी से मेहनत कर रही हूं। मैंने पढ़ाई पूरी लगन के साथ की। और कभी किसी सब्जेक्ट में कोई परेशानी होती थी तो घबराती नहीं थी। बल्कि उस सब्जेक्ट और समय देती थी। टीचर्स से पूछती है। मेरा मानना है कि कड़ी मेहनत और धैर्य के साथ पढ़ाई करने पर सफलता जरूर मिलती है।

हाईस्कूल टॉपर्स
नाम- श्रेया पाठक
स्कूल- सीएमएस गोमती नगर
परसेंटेज- 98.8
रैंक - यूपी में पहली व देश में चौथी

आईटी सेक्टर पर नजर
मैंने कभी स्टे्रस नहीं लिया। हमेशा पढ़ाई पर ध्यान दिया। बस मुझे इंटर की तैयारी करनी है। वैसे आईटी सेक्टर में जाना पसंद करूंगी। उसके लिए अभी से मेहनत करनी होगी ताकि अच्छे नंबर ला सकूं। मैं सोशल मीडिया से दूर रहती हूं क्योंकि उसमें वक्त बर्बाद होता है। मेरे पिता आईपीएस एसके भगत और माता शेफाली भगत दोनों ने बहुत सपोर्ट किया। उसके अलावा स्कूल के टीचर्स ने भी बहुत हेल्प की।

नाम- खुशी वर्मा
स्कूल- सीएमएस स्टेशन रोड
परसेंट- 98.6
रैंक - यूपी में दूसरी व देश में पांचवी

आईएएस बनने का सपना
आईएएस बनना मेरा लक्ष्य है। इसके लिए अभी से मेहनत कर रही हूं। मेरे पिता गोपाल जी वर्मा व माता सीमा के साथ मेरे स्कूल के टीचर्स ने बहुत हेल्प की। हर वक्त मोटिवेट करते रहते थे। मेरी सफलता का मंत्र हार्ड वर्क और सेल्फ स्टडी है। रेगुलर पढ़ाई करने व रिवीजन करने से एग्जाम के समय ज्यादा दिक्कत नहीं होती है। सब पहले से ही तैयार होता है इसलिए बस रिविजन करना रह जाता है। अपना लक्ष्य निर्धारित करना बहुत जरूरी है।
 
नाम- अनुष्का सिंह
स्कूल- सीएमएस अलीगंज
परसेंट- 98.2
रैंक- यूपी में तीसरी व देश में सातवीं

आईएएस बन करनी है देश सेवा
मैं जब भी पढ़ती थी और किसी क्वेश्चन पर डाउट होता था तो मैं अपने टीचर्स से एक नहीं दस बार पूछती थी। मेरे पिता जगमोहन व माता शिखा सिंह हमेशा मुझे मोटिवेट किया।मेरा सपना है कि मैं आईएएस बनकर देश की सेवा करूं। मेरी सफलता का मंत्र सेल्फ स्टडी है। मैं रेगुलर पढ़ाई करती थी और उसके अलावा सोशल मीडिया से काफी दूरी बना कर रखी। टाइम मैंनेजमेंट सफलता के लिए बहुत जरूरी है।

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