-बर्मामाईस में एआईडीएसओ का कोल्हानस्तरीय छात्र सम्मेलन

-उठे सवाल, इतने व्यापक फेरबदल करने से पहले इसे लेकर क्यों नहीं की गई चर्चा

JAMSHEDPUR: ऑल इंडिया डेमोक्रेटिव एसोसिएशन (एआइडीएसओ), कोल्हान विश्वविद्यालय कमेटी के तत्वावधान में शिक्षा विरोधी सेमेस्टर व सीबीसीएस सिस्टम के खिलाफ देवस्थान उत्सव भवन, बर्मामाइंस में मंगलवार को सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसमें मुख्य वक्ता एआइडीएसओ के अखिल भारतीय कार्यालय सचिव चंचल घोष ने कहा कि विगत ख्म् नवंबर को कोल्हान विवि की ओर से यह घोषणा की गई कि सत्र ख्0क्म्-क्7 से सेमेस्टर सिस्टम लागू किया जायेगा. आश्चर्य की बात है कि वर्तमान शिक्षण प्रणाली में इतने व्यापक फेरबदल करने से पहले इसे लेकर चर्चा, बहस, विचार गोष्ठी, सेमिनार आदि कुछ भी आयोजित नहीं किया गया.

कर रहे हैं विरोध

आज देश के अधिकतर छात्र संगठन और शिक्षक संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने दिल्ली विश्वविद्यालय में इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन किया. गुजरात में सेमेस्टर सिस्टम को सबसे मजबूती से लागू किया गया, वहां भी इसका जोरदार विरोध हुआ. सेमेस्टर सिस्टम लागू होने पर व्यापक फी वृद्धि होगी, सीटों की संख्या घटायी जायेगी, ज्ञान को खंड-खंड में बांटने की योजना तैयार होगी. कोर्स पूरा किये बिना परीक्षाएं ली जायेंगी. शिक्षणेत्तर कार्य जैसे खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि बंद हो जायेंगे. सम्मेलन में एआइडीएसओ के नेतृत्व में छात्रों ने कोल्हान विवि में इस विनाशकारी सिस्टम को किसी भी कीमत पर लागू होने नहीं देने की बात कही. सम्मेलन में मुख्य रूप से ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमेटी के सचिव सुमित राय, एआइडीएसओ के प्रदेश अध्यक्ष पतित पावन कुईला, प्रदेश सचिव कन्हाई बारिक, सरायकेला-खरसावां जिलाध्यक्ष मौसमी मित्रा, सचिव अनंत महतो, पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष प्रवीण महतो, सचिव आशारानी पाल के अलावा युधिष्ठिर कुमार, सत्यरंजन, पूर्णिमा टुडू, ¨रकी बंसियार, अजय राय, खुशबू कुमारी, सोनी कुमारी, शुभम झा, अजय यादव, ज्योति कुमारी सहित सैकड़ों छात्र उपस्थित थे.

यह है सीबीसीएस सिस्टम

च्वायस बेस क्रेडिट सिस्टम यानि सीबीसीएस सिस्टम में कोई भी छात्र अपने डिसिप्लीन कोर्स को छोड़कर किसी भी विषय को ले सकता है. प्योर साइंस के छात्र गणित के अलावा भौतिकी व रसायन को छोड़ इतिहास सहित अन्य कई विषयों को ले सकते हैं.